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हाथरस: 24 घंटे भूखे प्यासे रहकर जैसे-तैसे पहुंचे अपने गांव
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हाथरस: बड़ौदा से पैदल आए कामगार।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को उनके शहरों में ट्रेन और बसों के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। इस क्रम में सोमवार की देर शाम को मुरसान क्षेत्र की पंचायत जैतपुर के गांव नगला मेवा के
रहने वाले करीब दो दर्जन लोग अपने गांव आ गए।
गांव के चरन सिंह, खजानी, राजीव और राजकुमार आदि लोगों ने बताया कि वह लोग जनवरी माह में बड़ौदा अपने पत्नी व बच्चों के साथ ईट भट्टों पर काम करने के लिए गए थे। लॉकडाउन होने के
बाद भट्टा संचालकों ने अपने अपने कार्यों को बंद कर दिया, जिसके चलते मजदूर लोग वहां पर खाने के लिए भी तरस गए।
लोगों ने बताया कि कुछ दिन तक तो मजदूर अपने पैसों से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते रहे, लेकिन जब पैसा खर्च होने लगा तो उन्होंने वहां के प्रशासन से अपने शहर जाने के लिए गुहार लगाई। शनिवार को स्पेशल ट्रेन द्वारा उन्हें बड़ौदा से गोरखपुर तक छोड़ दिया गया। ट्रेन से उतरने के बाद उन्होंने अपने पैसों से टिकट लेकर बस द्वारा मुरसान तक का सफर तय किया है। मजदूरों ने बताया कि रविवार की शाम से ही वह बस में भूखे प्यासे सफर करते आए हैं। मुरसान आने के बाद उन्होंने थाना में अपना नाम व पता दर्ज कराया और अपने परिवार को लेकर अपने अपने घरों को चले गए।
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सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को उनके शहरों में ट्रेन और बसों के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। इस क्रम में सोमवार की देर शाम को मुरसान क्षेत्र की पंचायत जैतपुर के गांव नगला मेवा के
रहने वाले करीब दो दर्जन लोग अपने गांव आ गए।
गांव के चरन सिंह, खजानी, राजीव और राजकुमार आदि लोगों ने बताया कि वह लोग जनवरी माह में बड़ौदा अपने पत्नी व बच्चों के साथ ईट भट्टों पर काम करने के लिए गए थे। लॉकडाउन होने के
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बाद भट्टा संचालकों ने अपने अपने कार्यों को बंद कर दिया, जिसके चलते मजदूर लोग वहां पर खाने के लिए भी तरस गए।
लोगों ने बताया कि कुछ दिन तक तो मजदूर अपने पैसों से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते रहे, लेकिन जब पैसा खर्च होने लगा तो उन्होंने वहां के प्रशासन से अपने शहर जाने के लिए गुहार लगाई। शनिवार को स्पेशल ट्रेन द्वारा उन्हें बड़ौदा से गोरखपुर तक छोड़ दिया गया। ट्रेन से उतरने के बाद उन्होंने अपने पैसों से टिकट लेकर बस द्वारा मुरसान तक का सफर तय किया है। मजदूरों ने बताया कि रविवार की शाम से ही वह बस में भूखे प्यासे सफर करते आए हैं। मुरसान आने के बाद उन्होंने थाना में अपना नाम व पता दर्ज कराया और अपने परिवार को लेकर अपने अपने घरों को चले गए।
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