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हाथरसः कोई छप्पर के नीचे तो कोई रह रहा टीनशेड में

Tue, 23 Nov 2021 12:33 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Nov 2021 12:33 AM IST
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Hathras: Somebody is living under thatch and some in tinshed
गांव जटोई में विजेंद्र सिंह द्वारा छप्पर डालकर बनाई गई झोपड़ी - फोटो : SADABAD
संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
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केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर गरीब को पक्का घर देने का वादा सादाबाद क्षेत्र के गांव जटोई में पूरा होता नहीं दिख रहा। यहां पिछले कई सालों से गरीब परिवार के लोग दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें पक्का घर नहीं मिल सका है।
इस गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना से आज भी काफी लोग वंचित हैं। इस गांव में कई लोग ऐसे हैं, जिनके पास रहने को मकान नहीं है। कई लोग कच्चे घरों में निवास कर रहे हैं तो कई ऐसे हैं जो कि तिरपाल और छप्पर में रहने को मजबूर हैं। ये लोग कई बार अधिकारियों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक इनको आवास नहीं मिल पाए हैं।
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गांव जटोई में विजेंद्र सिंह बालमुकुंद झोपड़ी में रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। विजेंद्र का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री आवास के लिए प्रयास किया और आवेदन भी ऑनलाइन किया, लेकिन आज तक उसे आवास का लाभ नहीं मिला। इसी गांव की लीला देवी जो कि विधवा हैं और पांच बच्चे भी हैं।
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इनके पास रहने के लिए घर तक नहीं है, यह एक टूटे फूटे टीनशेड में रह रही हैं। इसी गांव की राधा पत्नी सुनील के पास भी रहने को मकान नहीं है। कच्ची छत और छप्पर के नीचे अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रही हैं। कई बार अधिकारियों से आवास की गुहार भी लगाई है, लेकिन आज तक लाभ नहीं मिला। इसी गांव की पुष्पा देवी जो कि विधवा हैं, एक झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।

आवास के लिए रजिस्ट्रेशन भी करा चुकी हैं और कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से अनुरोध भी किया है, लेकिन आज तक उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। इसी गांव में सुरेंद्र पुत्र प्रेम सिंह भी झोंपड़ी और तिरपाल में रहने को मजबूर है। आवास के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन आज तक नहीं मिल सका।
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