{"_id":"62152819290c826eca781d31","slug":"hathras-gulal-of-hathras-will-set-color-till-bollywood-again-on-holi-hathras-news-ali2857229197","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : होली पर फिर बॉलीवुड तक रंग जमाएगा हाथरस का गुलाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : होली पर फिर बॉलीवुड तक रंग जमाएगा हाथरस का गुलाल
विज्ञापन
हाथरस : शहर के एक कारखाने में होली के लिए तैयार होता भगवा रंग का गुलाल। संवाद
- फोटो : HATHRAS
गौरव भारद्वाज
हाथरस। बाजार पर अब होली का रंग चढ़ने लगा है। रंग नगरी के नाम से विख्यात हाथरस के रंग और गुलाल की मांग देश भर के बाजारों में ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड तक रहती है। वैसे तो यहां कई रंगों के गुलाल तैयार होते हैं, लेकिन इस बार भगवा गुलाल के साथ कमल के फूल की खुशबू वाले गुलाल की सर्वाधिक मांग है। करीब दो साल बाद शहर रंग-गुलाल निर्माताओं के यहां ऑर्डरों की भरमार है, जिससे कोरोना के चलते बेरंग हो चुके इस कारोबार की रंगत फिर से लौटने की उम्मीद है। निर्माता इन-दिनों मांग के अनुरूप माल तैयार करने में जुटे हैं। रात और दिन माल तैयार हो रहा है और उसकी पैकिंग भी हो रही है।
लोगों की होली को और ज्यादा मजेदार बनाने के लिए इस बार रंग व गुलाल में कई तरह की खुशबू का प्रयोग किया जा रहा है। गुलाल सिलिंडर और गुलाल की पिचकारी भी खूब बनाई जा रही हैं। गौरतलब है कि होली के त्योहार में अब एक माह से भी कम समय बचा है। ऐसे में शहर की रंग-गुलाल के कारखानों में इन्हें बनाने का काम तेज हो गया है। कारखानों में रात और दिन काम हो रहा है। थोक कारोबारियों के यहां से तो रंग-गुलाल की बिक्री शुरू भी हो चुकी है। फुटकर की दुकानें भी एक मार्च के बाद सज जाएंगी।
कारोबारियों का कहना है कि इस बार बाजार में भगवा गुलाल और कमल के फूल की खुशबू वाले गुलाल की मांग ज्यादा है। खास बात तो यह है कि विधानसभा चुनाव के तत्काल बाद होली का त्योहार होने की वजह से इस बार रंग और गुलाल की मांग कुछ ज्यादा ही है। चुनावी होली खेलने के लिए राजनीतिक दलों के समर्थकों की तरफ से भी रंग और गुलाल के ऑर्डर मिल रहे हैं। हालांकि इस बार गुलाल की अपेक्षा रंगों की मांग कम है। संवाद
विज्ञापन
दो शिफ्टों में चल रहा कारखानों में काम
हाथरस। शहर में रंग और गुलाल के एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े कारखाने हैं। इन कारखानों में होली के त्योहार पर बड़े पैमाने पर रंग और गुलाल का उत्पादन होता है। इन-दिनाें कारखानों में माल की मांग को पूरा करने के लिए दो-दो शिफ्ट में काम चल रहा है। संवाद
इस बार भगवा गुलाल व कमल के फूल के खुशबू वाले गुलाल की ज्यादा मांग है। कोरोना के बाद कारोबार अब पटरी पर लौटता हुआ नजर आ रहा है। गुलाल की मांग भी अच्छी है। इसे देखते हुए ही बड़े पैमाने पर माल तैयार करा रहे हैं।
- देवेंद्र गोयल, रंग उद्यमी
इस बार गुलाल की मांग ज्यादा है। भगवा गुलाल की मांग ज्यादा आ रही है। कोरोना के चलते कारोबार बेपटरी हो गया था। अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है। उम्मीद है कि इस बार की होली पर माल की ज्यादा खपत होगी।
-कृष्णा गर्ग, रंग उद्यमी
विज्ञापन
हाथरस। बाजार पर अब होली का रंग चढ़ने लगा है। रंग नगरी के नाम से विख्यात हाथरस के रंग और गुलाल की मांग देश भर के बाजारों में ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड तक रहती है। वैसे तो यहां कई रंगों के गुलाल तैयार होते हैं, लेकिन इस बार भगवा गुलाल के साथ कमल के फूल की खुशबू वाले गुलाल की सर्वाधिक मांग है। करीब दो साल बाद शहर रंग-गुलाल निर्माताओं के यहां ऑर्डरों की भरमार है, जिससे कोरोना के चलते बेरंग हो चुके इस कारोबार की रंगत फिर से लौटने की उम्मीद है। निर्माता इन-दिनों मांग के अनुरूप माल तैयार करने में जुटे हैं। रात और दिन माल तैयार हो रहा है और उसकी पैकिंग भी हो रही है।
लोगों की होली को और ज्यादा मजेदार बनाने के लिए इस बार रंग व गुलाल में कई तरह की खुशबू का प्रयोग किया जा रहा है। गुलाल सिलिंडर और गुलाल की पिचकारी भी खूब बनाई जा रही हैं। गौरतलब है कि होली के त्योहार में अब एक माह से भी कम समय बचा है। ऐसे में शहर की रंग-गुलाल के कारखानों में इन्हें बनाने का काम तेज हो गया है। कारखानों में रात और दिन काम हो रहा है। थोक कारोबारियों के यहां से तो रंग-गुलाल की बिक्री शुरू भी हो चुकी है। फुटकर की दुकानें भी एक मार्च के बाद सज जाएंगी।
विज्ञापन
कारोबारियों का कहना है कि इस बार बाजार में भगवा गुलाल और कमल के फूल की खुशबू वाले गुलाल की मांग ज्यादा है। खास बात तो यह है कि विधानसभा चुनाव के तत्काल बाद होली का त्योहार होने की वजह से इस बार रंग और गुलाल की मांग कुछ ज्यादा ही है। चुनावी होली खेलने के लिए राजनीतिक दलों के समर्थकों की तरफ से भी रंग और गुलाल के ऑर्डर मिल रहे हैं। हालांकि इस बार गुलाल की अपेक्षा रंगों की मांग कम है। संवाद
विज्ञापन
दो शिफ्टों में चल रहा कारखानों में काम
हाथरस। शहर में रंग और गुलाल के एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े कारखाने हैं। इन कारखानों में होली के त्योहार पर बड़े पैमाने पर रंग और गुलाल का उत्पादन होता है। इन-दिनाें कारखानों में माल की मांग को पूरा करने के लिए दो-दो शिफ्ट में काम चल रहा है। संवाद
इस बार भगवा गुलाल व कमल के फूल के खुशबू वाले गुलाल की ज्यादा मांग है। कोरोना के बाद कारोबार अब पटरी पर लौटता हुआ नजर आ रहा है। गुलाल की मांग भी अच्छी है। इसे देखते हुए ही बड़े पैमाने पर माल तैयार करा रहे हैं।
- देवेंद्र गोयल, रंग उद्यमी
इस बार गुलाल की मांग ज्यादा है। भगवा गुलाल की मांग ज्यादा आ रही है। कोरोना के चलते कारोबार बेपटरी हो गया था। अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है। उम्मीद है कि इस बार की होली पर माल की ज्यादा खपत होगी।
-कृष्णा गर्ग, रंग उद्यमी