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हाथरस : खेत की रखवाली करने गए किसान की मौत
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किसान की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। संवाद
- फोटो : SHAPHU
संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
क्षेत्र के गांव पीहुरा के मजना नगला बघेल में जानवरों से फसलों की रखवाली करने गए एक किसान की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। सुबह परिजनों को खेत पर बनी झोपड़ी में उनका शव मिला। परिजनों का कहना है कि उनकी मौत ठंड की वजह से हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, गांव नगला बघेल (पीहुरा) निवासी चुन्नीलाल बघेल के पुत्र भगवान सिंह उर्फ गैंडा (36) शुक्रवार की रात अपने खेतों में लगी आलू और गेहूं की फसल की रखवाली करने गए थे। देर रात तक फसल की देख रेख करने के बाद वे झोपड़ी में ही सो गए।
जब वह शनिवार की सुबह काफी देर तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। परिजन देखने झोपड़ी पर पहुंचे तो वहां पर भगवान सिंह बिस्तर पर मृत अवस्था में मिले। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर आसपास के भी लोग पहुंच गए।
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परिजनों का कहना है कि आवारा पशु व जंगली जानवर फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। उसी से सुरक्षा के लिए वे रात में खेतों की रखवाली करने जाते थे। रात में देर तक फसल की देखरेख करने के बाद वे वहीं झोपड़ी में ही सो जाते थे। परिजनों का कहना है कि भगवान सिंह की मृत्यु ठंड की वजह से हुई है।
किसान की मौत की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जा कर पंचनामा भरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भगवान सिंह अपने पीछे पत्नी के साथ एक आठ वर्षीय पुत्री एवं पांच वर्षीय पुत्र को रोते बिलखते छोड़ गए।
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क्षेत्र के गांव पीहुरा के मजना नगला बघेल में जानवरों से फसलों की रखवाली करने गए एक किसान की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। सुबह परिजनों को खेत पर बनी झोपड़ी में उनका शव मिला। परिजनों का कहना है कि उनकी मौत ठंड की वजह से हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, गांव नगला बघेल (पीहुरा) निवासी चुन्नीलाल बघेल के पुत्र भगवान सिंह उर्फ गैंडा (36) शुक्रवार की रात अपने खेतों में लगी आलू और गेहूं की फसल की रखवाली करने गए थे। देर रात तक फसल की देख रेख करने के बाद वे झोपड़ी में ही सो गए।
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जब वह शनिवार की सुबह काफी देर तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। परिजन देखने झोपड़ी पर पहुंचे तो वहां पर भगवान सिंह बिस्तर पर मृत अवस्था में मिले। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर आसपास के भी लोग पहुंच गए।
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परिजनों का कहना है कि आवारा पशु व जंगली जानवर फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। उसी से सुरक्षा के लिए वे रात में खेतों की रखवाली करने जाते थे। रात में देर तक फसल की देखरेख करने के बाद वे वहीं झोपड़ी में ही सो जाते थे। परिजनों का कहना है कि भगवान सिंह की मृत्यु ठंड की वजह से हुई है।
किसान की मौत की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जा कर पंचनामा भरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भगवान सिंह अपने पीछे पत्नी के साथ एक आठ वर्षीय पुत्री एवं पांच वर्षीय पुत्र को रोते बिलखते छोड़ गए।