Hathras: छह करोड़ के कर्ज में डूबे स्टेशनरी व्यापारी ने की आत्महत्या, कमरे में रोशनदान पर लटका मिला शव
कर्ज में डूबे स्टेशनरी व्यापारी एक महीने पहले लेनदारों से परेशान होकर घर छोड़ के भी चले गए थे। चार दिन पहले ही घर लौटे थे, जिसके बाद से दरवाजे पर लेनदारों का आना शुरू हो गया। परेशान होकर व्यापारी ने खुदकुशी कर ली।
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हुंडी संचालक व बैंक के कर्ज तले दबे स्टेशनरी व्यापारी अशोक कुमार गुप्ता (55) ने शनिवार की सुबह गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव कमरे में रोशनदान पर लटका मिला। परिवार के अनुसार उन पर बैंक का करीब 2.5 करोड़ तथा हुंडी संचालकों के 3.5 करोड़ रुपये का कर्ज था।
कारोबार में घाटा व मोटी ब्याज के कारण वे रकम नहीं चुका पा रहे थे। लगातार तगादे व धमकी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।तबेला गली के सामने सुर्कलर निवासी अशोक कुमार गुप्ता की स्टेशनरी की दुकान थी। पिछले कुछ महीने से उन पर काफी कर्ज हो चुका था। इसके बाद वे मानसिक रूप से परेशान थे। यहां तक कि अशोक ने अपनी दुकान व मकान भी गिरवी रख दिया था। इकलौते बेटे आशीष वार्ष्णेय ने बताया कि हुंडी संचालकों की धमकियों से परेशान होकर उनके पिता बिना बताए घर छोड़कर चले गए थे। इस संबंध में 23 मई 2026 को उनकी मां राधारानी ने कोतवाली सदर में शिकायत भी की थी।
इसके बाद 18 जून को वह वापस आ गए। आशीष ने बताया कि उनके नौकर पर पिता के काफी रुपये बकाया थे, जिन्हें वह नहीं चुका रहा था। इस कारण अशोक कुमार अपना कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। 24 जून से हुंडी संचालकों का घर आना शुरू हो गया था। कर्जदार लगातार अशोक कुमार व उनके भाइयों के घर पहुंच रहे थे और लगातार धमका रहे थे। आशीष के अनुसार शुक्रवार को भी कई लोग घर आए थे और काफी कहासुनी की थी, जिसके कारण पिता तनाव में आ गए थे।
आशीष ने बताया कि शनिवार की सुबह पांच बजे पिता उठे तथा पानी पीया। मां राधारानी दूसरे कमरे में सो रही थीं। पानी पीने के बाद उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया। करीब सात बजे मां ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो वह खुला नहीं। जानकारी पर आशीष व परिवार के अन्य लोगों ने धक्का मारकर गेट खोला।
अशोक कुमार उसी गेट के रोशनदान पर करीब आठ फीट की ऊंचाई पर कपड़े सुखाने वाली प्लास्टिक की रस्सी के फंदे पर लटके हुए थे। यह देख परिवार के होश उड़ गए। आनन-फानन रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा। काफी देर तक सीपीआर दी गई, लेकिन धड़कन दोबारा नहीं लौटी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इस दौरान काफी भीड़ लगी रही। आशीष ने लेनदार हुंडी संचालकों के खिलाफ कोतवाली सदर में तहरीर दी है।
कर्ज के कारण व्यापारी के आत्महत्या करने की जानकारी मिली है। पोस्टमार्टम कराया गया है। तहरीर के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। -हिमांशु माथुर, सीओ सिटी
दुकान खोलने पर एक दिन पहले हुआ था विवाद
कर्जदारों के डर के कारण अशोक कुमार गुप्ता दुकान नहीं खोल रहे थे। जब वे वापस लौट आए तो बेटे व परिवार के अन्य लोगों ने दुकान खोलने की बात कही थी, लेकिन पिता नहीं चाहते थे कि कर्जदार दुकान पर आए और उनके बेटे को परेशान करें। आशीष के अनुसार शुक्रवार को उन्होंने जिद की तो पिता ने दुकान की चाभी भी छिपा ली थी। परिवार की परेशानी ने उन्हें तोड़कर रख दिया था।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
अशोक कुमार गुप्ता की मौत के बाद शनिवार की सुबह परिवार बदहवास था। अशोक की मां व पत्नी राधारानी का रो-रो कर बुरा हाल था। बेटा व बहू उन्हें संभालते हुए बिलख रहे थे। परिवार के लोग उन्हें उठाते हुए कह रहे थे कि दुकान खोलने का समय हो गया है, अब उठ जाओ। परिवार की हालत देख सभी की आंखों में आंसू थे। मोटी ब्याज के चलते बढ़ती सूदखोरों की रकम ने एक हंसते खेलते परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद हो गया।