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ट्रक चालक निकला डबल मर्डर का मास्टरमाइंड
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2016 11:59 PM IST
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सादाबाद में दोहरे हत्याकांड के आरोपी पुलिस हिरासत में।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। पुलिस ने पिछले साल 15 दिसंबर की रात को सादाबाद क्षेत्र के गांव धानौटी के जंगलों में हुई अनाज से भरे ट्रक के चालक और क्लीनर की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक एक ट्रक चालक ने ही अपने एक साथी की मदद से दोनों की हत्या कर ट्रक लूटने की कोशिश की थी। एक अन्य आरोपी इस षडयंत्र में शामिल रहा। पुलिस को हत्या के कुछ दिनों बाद हत्यारोपियों का पता चल गया था, लेकिन दूसरे राज्यों में छिपा होने से उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने गुरुवार को सादाबाद में बहादुरपुर हनुमान मंदिर के पास हुई मुठभेड़ के बाद तीनों आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से दो तमंचे, छह जिंदा कारतूस और दो कारतूसों के खोखे मिले हैं।
एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि 16 दिसंबर की सुबह धानौटी के जंगलों में सादाबाद के नगला धनी के भूपेंद्र पुत्र दुर्ग सिंह और कजरौठी के नारायण पुत्र भगवान सिंह का शव मिला था। दम घोंटकर दोनों की हत्या की गई थी। पुलिस को गांव धानौटी में वह ट्रक भी मिल गया था, जिसे लूटने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया था। रास्ता संकरा होने के कारण आरोपी ट्रक को ले जा नहीं सके थे। जांच में सामने आया कि भागते समय ट्रक ने ग्रामीण वीरेंद्र के घर को टक्क र मारी थी, जिससे उसके घर की दीवार टूट गई। वीरेंद्र ने बाइक से ट्रक का पीछा किया। वीरेंद्र से पूछताछ में पता चला कि उसी के गांव का ट्रक चालक बृजमोहन गांव के बाहर ढाबे पर शराब पी रहा था। वह जिस ट्रांसपोर्ट में पहले काम करता था, उसी ट्रांसपोर्ट का एक अनाज से भरा ट्रक वहां खड़ा था। शातिर दिमाग बृजमोहन ने कुछ ही देर में ट्रक को लूटने की योजना तैयार कर ली। फोन कर उसने अपने साथी अनिल निवासी बरहन को भी बुला लिया। ट्रक के चालक भूपेंद्र से बृजमोहन की पुरानी पहचान थी। भूपेंद्र और नारायण को उसने जमकर शराब पिलाई और खुद कम पी। बेहोशी की हालत में बृजमोेहन भूपेंद्र और नारायण को ट्रक में बैठाकर सुनसान जगह पर ले गया। हत्या के बाद जब गांव के रास्ते से ट्रक को लेकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी वीरेंद्र के घर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। वीरेंद्र ने ट्रक को रोका तो उसे दो शव दिखाई दिए। बृजमोहन के रुपयों का लालच दिए जाने पर वीरेंद्र ने चुप्पी साध ली और अपराध की जानकारी छिपाकर रखी। एसपी ने बताया कि आरोपी दिल्ली, उत्तराखंड, तमिलनाड़ु आदि राज्यों में छिपकर पुलिस से बचे हुए थे। लौटने पर उन्हें धर दबोचा गया।
25 लाख की लूट में शामिल रहे हैं आरोपी
एसपी ने बताया कि बृजमोहन और अनिल अपराधी किस्म के हैं। सादाबाद में 2009 में हुई 25 लाख की लूट में दोनाें शामिल रहे हैं। पेट्रोल पंप से खंदौली में 2010 में हुई लूट में भी ये आरोपी रहे हैं। अनिल पर दुष्कर्म करने का भी आरोप है।
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पुलिस टीम को पांच हजार का ईनाम
पुलिस टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये का ईनाम दिया है। इस टीम में सादाबाद एसओ महेश चंद्र यादव, एसएसआई बाबूराम शर्मा, एसआई हिमांशु शर्मा, अजय कौशल, सुधीर कुमार, सिपाही भूपेंद्र कुमार, संदीप कुमार, वीरेश कुमार, ओमवीर सिंह, महावीर सिंह, चालक अनिल कुमार शामिल हैं।
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एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि 16 दिसंबर की सुबह धानौटी के जंगलों में सादाबाद के नगला धनी के भूपेंद्र पुत्र दुर्ग सिंह और कजरौठी के नारायण पुत्र भगवान सिंह का शव मिला था। दम घोंटकर दोनों की हत्या की गई थी। पुलिस को गांव धानौटी में वह ट्रक भी मिल गया था, जिसे लूटने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया था। रास्ता संकरा होने के कारण आरोपी ट्रक को ले जा नहीं सके थे। जांच में सामने आया कि भागते समय ट्रक ने ग्रामीण वीरेंद्र के घर को टक्क र मारी थी, जिससे उसके घर की दीवार टूट गई। वीरेंद्र ने बाइक से ट्रक का पीछा किया। वीरेंद्र से पूछताछ में पता चला कि उसी के गांव का ट्रक चालक बृजमोहन गांव के बाहर ढाबे पर शराब पी रहा था। वह जिस ट्रांसपोर्ट में पहले काम करता था, उसी ट्रांसपोर्ट का एक अनाज से भरा ट्रक वहां खड़ा था। शातिर दिमाग बृजमोहन ने कुछ ही देर में ट्रक को लूटने की योजना तैयार कर ली। फोन कर उसने अपने साथी अनिल निवासी बरहन को भी बुला लिया। ट्रक के चालक भूपेंद्र से बृजमोहन की पुरानी पहचान थी। भूपेंद्र और नारायण को उसने जमकर शराब पिलाई और खुद कम पी। बेहोशी की हालत में बृजमोेहन भूपेंद्र और नारायण को ट्रक में बैठाकर सुनसान जगह पर ले गया। हत्या के बाद जब गांव के रास्ते से ट्रक को लेकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी वीरेंद्र के घर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। वीरेंद्र ने ट्रक को रोका तो उसे दो शव दिखाई दिए। बृजमोहन के रुपयों का लालच दिए जाने पर वीरेंद्र ने चुप्पी साध ली और अपराध की जानकारी छिपाकर रखी। एसपी ने बताया कि आरोपी दिल्ली, उत्तराखंड, तमिलनाड़ु आदि राज्यों में छिपकर पुलिस से बचे हुए थे। लौटने पर उन्हें धर दबोचा गया।
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25 लाख की लूट में शामिल रहे हैं आरोपी
एसपी ने बताया कि बृजमोहन और अनिल अपराधी किस्म के हैं। सादाबाद में 2009 में हुई 25 लाख की लूट में दोनाें शामिल रहे हैं। पेट्रोल पंप से खंदौली में 2010 में हुई लूट में भी ये आरोपी रहे हैं। अनिल पर दुष्कर्म करने का भी आरोप है।
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पुलिस टीम को पांच हजार का ईनाम
पुलिस टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये का ईनाम दिया है। इस टीम में सादाबाद एसओ महेश चंद्र यादव, एसएसआई बाबूराम शर्मा, एसआई हिमांशु शर्मा, अजय कौशल, सुधीर कुमार, सिपाही भूपेंद्र कुमार, संदीप कुमार, वीरेश कुमार, ओमवीर सिंह, महावीर सिंह, चालक अनिल कुमार शामिल हैं।