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श्मशान के रास्ते पर विवाद, दो घंटे रखा रहा शव

Mon, 12 Mar 2018 12:21 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस। Updated Mon, 12 Mar 2018 12:21 AM IST
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The controversy on the way to the cremation, the dead body kept for two hours
श्मशान घाट की भूमि पर दरवाजा चढ़वाते पुलिस कर्मी। - फोटो : Amar Ujala
नगला अलगर्जी में श्मशान के रास्ते को लेकर विवाद के कारण एक शव का दाह संस्कार कराने के लिए परिजनों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। पुलिस और अधिकारियों के पहुंचने पर ही अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान के अंदर ले जाया जा सका। इससे दो दिन पहले भी शव को श्मशान के अंदर ले जाने पर विवाद हुआ था। तब भी हाथरस गेट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अंतिम संस्कार कराया था। 
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दरअसल, श्मशान तक जाने के लिए कोई सार्वजनिक रास्ता नहीं है। आसपास की सभी जगह अब आबादी क्षेत्र में आ गई है। लोगों ने प्लॉटों पर बाउंड्री कराना शुरू कर दिया है। अभी तक श्मशान के लिए जो रास्ता था, उस पर रानी का नगला निवासी एक शख्स ने अपना मालिकाना हक जताते हुए दीवार खड़ी कर रास्ते को बंद कर दिया है। इससे लोगों के लिए शवों को लेकर श्मशान जाना काफी मुश्किल हो गया है।
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लोग दीवार फांदकर बमुश्किल श्मशान के अंदर जा रहे हैं। रविवार सुबह प्लॉट के मालिक ने इस पर आपत्ति की। इस वजह से शव को श्मशान के अंदर नहीं ले जाया जा सका। हंगामा होने पर कोतवाल हाथरस गेट अनिल कुमार सिंह, निरीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। बाद में एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार कमलेश गोयल और नायब तहसीलदार मनोज वार्ष्णेय भी मौके पर पहुंचे। काफी देर बाद एसडीएम ने प्लॉट के पास से साढ़े छह फुट का स्थायी रास्ता श्मशान के लिए निकलवाया और अंदर जाने के लिए एक गेट भी चढ़वा दिया। 
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श्मसान के लिए रास्ता नहीं था। दीवार लगी हुई थी। इसे लेकर विरोध था। साढ़े छह फीट का स्थायी रास्ता निकलवाकर शव का अंतिम संस्कार कराया गया है। अब मौके पर कोई विवाद नहीं है और न हीं किसी तरह का कोई तनाव है।
- अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर 
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