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दुष्कर्म के दोषी को दस साल कैद की सजा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Tue, 21 Aug 2018 11:39 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
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एडीजे एफटीसी प्रथम कोर्ट ने एक लड़की के साथ दुष्कर्म के दोषी युवक को दस साल की कैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव की एक लड़की को तीन अप्रैल 2015 को अलीगढ़ के अकराबाद क्षेत्र के गांव दुवागढ़ निवासी प्रदीप उर्फ भोला पुत्र रमेशचंद्र बहला-फुसला कर अपहरण कर अपने साथ ले गया था। काफी तलाश करने पर छह अप्रैल 2015 को सुबह साढ़े पांच बजे दुवागढ़ के पास पीड़िता और उक्त युवक प्रदीप उर्फ भोला पकड़े गए थे। लड़की ने बताया था कि प्रदीप ने दो दिन दो रात उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले की रिपोर्ट थाना सिकंदराराऊ में दर्ज कराई गई। विवेचना अधिकारी ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इससे पहले लड़की का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की। मंगलवार को अंतिम सुनवाई के बाद एडीजे एफटीसी प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने प्रदीप उर्फ भोला को दोषी मानते हुए धारा 376 में दस साल की कैद और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
इसी तरह धारा 366 में सात साल की कैद और पांच हजार रुपये के अर्थदंड, धारा 342 में एक साल की कैद और धारा 506 में दो साल की कैद और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी साहब सिंह चौहान ने पैरवी की।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव की एक लड़की को तीन अप्रैल 2015 को अलीगढ़ के अकराबाद क्षेत्र के गांव दुवागढ़ निवासी प्रदीप उर्फ भोला पुत्र रमेशचंद्र बहला-फुसला कर अपहरण कर अपने साथ ले गया था। काफी तलाश करने पर छह अप्रैल 2015 को सुबह साढ़े पांच बजे दुवागढ़ के पास पीड़िता और उक्त युवक प्रदीप उर्फ भोला पकड़े गए थे। लड़की ने बताया था कि प्रदीप ने दो दिन दो रात उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले की रिपोर्ट थाना सिकंदराराऊ में दर्ज कराई गई। विवेचना अधिकारी ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इससे पहले लड़की का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की। मंगलवार को अंतिम सुनवाई के बाद एडीजे एफटीसी प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने प्रदीप उर्फ भोला को दोषी मानते हुए धारा 376 में दस साल की कैद और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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इसी तरह धारा 366 में सात साल की कैद और पांच हजार रुपये के अर्थदंड, धारा 342 में एक साल की कैद और धारा 506 में दो साल की कैद और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी साहब सिंह चौहान ने पैरवी की।
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