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रक्तरंजित दीवारें बयां कर रहीं निर्मम हत्या की दास्तां

Tue, 30 Jan 2018 11:56 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस। Updated Tue, 30 Jan 2018 11:56 PM IST
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Ruthless murder tales showing bloody walls
चीरघर पर मृतक के परिजनों और पुलिस के बीच नोक झोंक। - फोटो : Amar Ujala
खंदारी गढ़ी में धर्मस्थल के पास चौक पर जहां अमित कुमार गौतम का शव मिला, उसके पास की रक्तरंजित दीवारें बेरहमी से हुई हत्या की दास्तां बयां कर रहीं हैं। दीवारों पर खून के धब्बे बता रहे हैं कि हत्या से पहले मजबूत कदकाठी वाले अमित ने काफी संघर्ष किया था। उसने भागने की कोशिश भी की होगी, यही वजह है कि उसके खून के धब्बे आसपास की दीवारों पर दिखाई दे रहे हैं।
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खंदारी गढ़ी का यह इलाका बेहद संकरा और घनी आबादी से घिरा है। अमित का शव जिस सड़क पर पड़ा मिला, वहां से कोई बड़ा वाहन नहीं गुजर सकता। घटनास्थल के आसपास कई मकान हैं। साफ है कि न तो किसी ने अमित को बचाने की कोशिश की और न ही पुलिस और परिजनों को सूचना दी। मोहल्ले के लोगों की यह खामोशी मंगलवार शाम तक नहीं टूटी। परिजन जब अमित को ढूंढते हुए वहां पहुंचे तो उन्हें शव एक भारी-भरकम लोहेे के गेट के नीचे दबा हुआ मिला।
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आरोपियों ने हत्या के बाद शव को इसी गेट के नीचे छिपा दिया था, ताकि लोगों को जल्द अमित की हत्या का पता न चले। पुलिस ने भी आसपास के लोगों से आरोपियों के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस घटनास्थल से सुराग जुटाने के लिए जुट गई। डॉग स्क्वॉयड और फारेंसिक टीम की मदद ली गई। हत्या के बाद मंगलवार सुबह धर्मस्थल पर कोई भी नहीं दिखाई दिया। सुबह की इबादत भी नहीं की गई। इसी से परिजनों का शक आलम, सद्दाम और उसके साथियों पर पक्का होता गया।
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पोस्टमार्टम हाउस पर नेताओं ने बंधाया ढांढस ः अमित की मौत के बाद शोक में डूबे परिवार को सांत्वना देने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पर नेताओं का तांता लगा रहा। जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय के अलावा बीजेपी भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, सांसद प्रतिनिधि मुकेश पौरुष, रामवीर सिंह भैया, मोहन पंडित, सुनीत आर्य, मूलचंद्र वार्ष्णेय, अखिलेश गुप्ता, मोरमुकुट गुप्ता, विपुल सिंघानिया, सभासद संजय सक्सेना, निशांत उपाध्याय, अनूप वार्ष्णेय, प्रशांत मिश्र, मनोज उपाध्याय आदि ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की।
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