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दहेज उत्पीड़न, हत्या में चार लोगों को सजा
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:09 AM IST
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हाथरस। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुरेद्र मोहन सहाय के न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न एवं हत्या के चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी पति को सात साल एवं अन्य ससुरालीजनों को दो-दो वर्ष के कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वादी जयपाल सिंह पुत्र भागीरथ सिंह निवासी दरी अलावलपुर कोतवाली दादों जिला अलीगढ़ ने कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस को 14 जनवरी 2015 को तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी पुत्री की शादी दो वर्ष पूर्व हरीकिशन पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी जुलाहपुर कोतवाली सिकंदराराऊ के साथ की थी।
शादी में उसने पांच लाख रुपये नकद, चेन, अंगूठी, मोटरसाइकिल और अन्य सभी सामान दहेज में दिया था, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक भैंस और 50 हजार रुपये और दिए जाने की मांग कर रहे थे। काफी समझाने के बाद भी 13 जनवरी 2015 को मिट्टी का तेल डालकर पति हरीकिशन, रामकिशन जेठ, रघुनाथ ससुर, सावित्री देवी सास ने उनकी पुत्री को आग लगा दी।
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घटना की जानकारी होने पर जब वह गांव पहुंचे तो यह लोग उनकी पुत्री आरती को मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ ले गए, जहां आरती की 14 जनवरी 2015 को मौत हो गई। न्यायालय ने धारा 498ए और धारा 3/4 डीएक्ट के अधीन चारों आरोपियों को दो-दो वर्ष की कैद एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है, जबकि पति को 304बी दहेज हत्या के आरोप में सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी एसएस चौहान ने की।
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वादी जयपाल सिंह पुत्र भागीरथ सिंह निवासी दरी अलावलपुर कोतवाली दादों जिला अलीगढ़ ने कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस को 14 जनवरी 2015 को तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी पुत्री की शादी दो वर्ष पूर्व हरीकिशन पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी जुलाहपुर कोतवाली सिकंदराराऊ के साथ की थी।
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शादी में उसने पांच लाख रुपये नकद, चेन, अंगूठी, मोटरसाइकिल और अन्य सभी सामान दहेज में दिया था, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक भैंस और 50 हजार रुपये और दिए जाने की मांग कर रहे थे। काफी समझाने के बाद भी 13 जनवरी 2015 को मिट्टी का तेल डालकर पति हरीकिशन, रामकिशन जेठ, रघुनाथ ससुर, सावित्री देवी सास ने उनकी पुत्री को आग लगा दी।
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घटना की जानकारी होने पर जब वह गांव पहुंचे तो यह लोग उनकी पुत्री आरती को मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ ले गए, जहां आरती की 14 जनवरी 2015 को मौत हो गई। न्यायालय ने धारा 498ए और धारा 3/4 डीएक्ट के अधीन चारों आरोपियों को दो-दो वर्ष की कैद एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है, जबकि पति को 304बी दहेज हत्या के आरोप में सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी एसएस चौहान ने की।