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फर्जी टिकट प्रकरण: शिकायतकर्ता को फिर बुलाया गया लखनऊ
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:53 PM IST
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रोडवेज में फर्जी टिकट बनाने वाले रैकेट के पकड़े जाने के बाद विभागीय स्तर पर इसकी जांच पड़ताल जारी है। शिकायतकर्ता को फिर 31 अगस्त को बयान के लिए लखनऊ स्थित मुख्यालय बुलाया गया हैं। ऐसे में यह भी तय माना जा रहा है कि बयान पूरे होने के बाद कुछ अधिकारियों पर गाज भी गिरेगी क्योंकि इस रैकेट के रोडवेज के सरगना से कुछ अधिकारियों से काफी गहरे संबंध रहे हैं।
एसटीएफ ने पिछले दिनों फर्जी टिकट बनाने वाले रैकेट को इगलास से पकड़ा था। इस रैकेट का सरगना देवेंद्र और बुकिंग क्लर्क मेघ सिंह लंबे समय से इस रैकेट का संचालन कर रहे थे। इसकी शिकायत कई बार हाथरस डिपो के पूर्व परिचालक व शाखा मंत्री पंकज लवानियां ने की थी, लेकिन उसकी शिकायत पर उस समय गौर नहीं किया गया। बाद में जब एसडीएफ ने इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया तो शिकायतकर्ता पंकज लवानियां को लखनऊ बुलाकर बयान दर्ज कराए गए।
वहां तीन सदस्यीय विभागीय टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पंकज के साथ मथुरा और आगरा के भी एक कर्मी ने बयान दर्ज कराए हैं। पंकज ने वहां पूरे गड़बड़झाले का कच्चा चिट्ठा सौंपा और यह भी बताया कि किस तरह से रोडवेज को लाखों रुपये का चूना लगाया जाता था। उसने यह भी बताया कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब होता था। पंकज का कहना है कि अब उसे अगले बयान दर्ज कराने के लिए 31 अगस्त को फिर बुलाया है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है। यही नहीं, पंकज का कहना है कि उन्होंने जब पूर्व में रैकेट का राजफाश करने की शिकायत की तो उनके खिलाफ झूठी शिकायत भी दर्ज कराई गई। हालांकि कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
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एसटीएफ ने पिछले दिनों फर्जी टिकट बनाने वाले रैकेट को इगलास से पकड़ा था। इस रैकेट का सरगना देवेंद्र और बुकिंग क्लर्क मेघ सिंह लंबे समय से इस रैकेट का संचालन कर रहे थे। इसकी शिकायत कई बार हाथरस डिपो के पूर्व परिचालक व शाखा मंत्री पंकज लवानियां ने की थी, लेकिन उसकी शिकायत पर उस समय गौर नहीं किया गया। बाद में जब एसडीएफ ने इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया तो शिकायतकर्ता पंकज लवानियां को लखनऊ बुलाकर बयान दर्ज कराए गए।
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वहां तीन सदस्यीय विभागीय टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पंकज के साथ मथुरा और आगरा के भी एक कर्मी ने बयान दर्ज कराए हैं। पंकज ने वहां पूरे गड़बड़झाले का कच्चा चिट्ठा सौंपा और यह भी बताया कि किस तरह से रोडवेज को लाखों रुपये का चूना लगाया जाता था। उसने यह भी बताया कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब होता था। पंकज का कहना है कि अब उसे अगले बयान दर्ज कराने के लिए 31 अगस्त को फिर बुलाया है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है। यही नहीं, पंकज का कहना है कि उन्होंने जब पूर्व में रैकेट का राजफाश करने की शिकायत की तो उनके खिलाफ झूठी शिकायत भी दर्ज कराई गई। हालांकि कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
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