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Noida News: दुकान बुक कराकर पैसे हड़पने के मामले में परिवाद दर्ज करने का आदेश
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 में एक दुकान बुक कराने के बाद रकम फंसने के मामले में अदालत ने पीड़ित के प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। कृष्ण कुमार की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में बताया गया कि आधार इन्फ्रा होल्डिंग लिमिटेड और उसके निदेशक के साथ 25 अप्रैल 2016 को नॉलेज पार्क-5 में ग्राउंड फ्लोर पर 214 वर्गफुट क्षेत्रफल की दुकान को 18 लाख रुपये में बेचने का करार हुआ था। इसके एवज में प्रार्थी ने 9 लाख रुपये चेक के माध्यम से एडवांस के रूप में जमा किए थे।
आरोप है कि कंपनी ने न तो दुकान का कब्जा दिया और न ही रजिस्ट्री कराई। इसके उलट 11 अक्टूबर 2018 को कंपनी ने बुकिंग निरस्त करने का पत्र भेज दिया, लेकिन जमा राशि वापस नहीं की। इसके बाद उसने रेरा (उप्र) में शिकायत दर्ज कराई। जहां पता चला कि संबंधित प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत ही नहीं है। सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश दिया कि इस स्तर पर पुलिस विवेचना की आवश्यकता नहीं है। पीड़ित को अपने साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए। अदालत ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने और बयान के लिए 18 सितंबर की तारीख नियत की है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 में एक दुकान बुक कराने के बाद रकम फंसने के मामले में अदालत ने पीड़ित के प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। कृष्ण कुमार की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में बताया गया कि आधार इन्फ्रा होल्डिंग लिमिटेड और उसके निदेशक के साथ 25 अप्रैल 2016 को नॉलेज पार्क-5 में ग्राउंड फ्लोर पर 214 वर्गफुट क्षेत्रफल की दुकान को 18 लाख रुपये में बेचने का करार हुआ था। इसके एवज में प्रार्थी ने 9 लाख रुपये चेक के माध्यम से एडवांस के रूप में जमा किए थे।
आरोप है कि कंपनी ने न तो दुकान का कब्जा दिया और न ही रजिस्ट्री कराई। इसके उलट 11 अक्टूबर 2018 को कंपनी ने बुकिंग निरस्त करने का पत्र भेज दिया, लेकिन जमा राशि वापस नहीं की। इसके बाद उसने रेरा (उप्र) में शिकायत दर्ज कराई। जहां पता चला कि संबंधित प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत ही नहीं है। सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश दिया कि इस स्तर पर पुलिस विवेचना की आवश्यकता नहीं है। पीड़ित को अपने साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए। अदालत ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने और बयान के लिए 18 सितंबर की तारीख नियत की है।
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