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गोशाला में एक गाय की मौत के बाद मुक्त किए सभी गोवंश
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
गांवों में अब गोशालाओं के लिए शासन से धन नहीं भेजा जा रहा और इसकी वजह से पशु भूखे मर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के गांव बरवाना में सामने आया है। वहां एक गाय ने भूख से दम तोड़ दिया तो उसके बाद गोशाला में मौजूद सभी 75 गायों को ग्राम प्रधान ने गोशाला से मुक्त कर दिया।
गांव बरवाना में ग्राम प्रधान रवेंद्र सिंह ने आवारा पशुओं द्वारा की जा रही फसल को नष्ट करने के मद्देनजर गोशाला का निर्माण कराया। तब उन्हें यह भरोसा दिया गया था कि उनकी गोशाला को जल्द ही शासन धनराशि भेजेगा लेकिन धनराशि नहीं मिली।
ऐसे में ग्राम प्रधान ने गोशाला में मौजूद 75 गाय व अन्य गोवंशों पर एक लाख से ज्यादा रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद एक गाय मर गई तो उन्होंने उसके उपरांत सभी गाय गोशाला से छोड़ दी। इससे पहले ग्राम प्रधान ने कई बार जिला प्रशासन ने धनराशि की डिमांड की लेकिन यह धनराशि उन्हें नहीं मिली।
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गांवों में अब गोशालाओं के लिए शासन से धन नहीं भेजा जा रहा और इसकी वजह से पशु भूखे मर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के गांव बरवाना में सामने आया है। वहां एक गाय ने भूख से दम तोड़ दिया तो उसके बाद गोशाला में मौजूद सभी 75 गायों को ग्राम प्रधान ने गोशाला से मुक्त कर दिया।
गांव बरवाना में ग्राम प्रधान रवेंद्र सिंह ने आवारा पशुओं द्वारा की जा रही फसल को नष्ट करने के मद्देनजर गोशाला का निर्माण कराया। तब उन्हें यह भरोसा दिया गया था कि उनकी गोशाला को जल्द ही शासन धनराशि भेजेगा लेकिन धनराशि नहीं मिली।
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ऐसे में ग्राम प्रधान ने गोशाला में मौजूद 75 गाय व अन्य गोवंशों पर एक लाख से ज्यादा रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद एक गाय मर गई तो उन्होंने उसके उपरांत सभी गाय गोशाला से छोड़ दी। इससे पहले ग्राम प्रधान ने कई बार जिला प्रशासन ने धनराशि की डिमांड की लेकिन यह धनराशि उन्हें नहीं मिली।
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