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Mohammed Zubair: जुबैर को एक और झटका, हाथरस कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
Thu, 14 Jul 2022 12:53 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 14 Jul 2022 12:53 PM IST
सार
हाथरस की अदालत ने जुबैर को पेशी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मोहम्मद जुबैर को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच हाथरस न्यायालय में पेश किया गया था। इस दौरान न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील रहा।
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मोहम्मद जुबैर
- फोटो : ANI
विस्तार
ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच हाथरस न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील रहा। स्थानीय न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब इस मामले में 27 जुलाई को सुनवाई होगी।
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उल्लेखनीय है कि उस पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में इस जिले में दो मुकदमे दर्ज हैं। स्थानीय पुलिस ने मोहम्मद जुबैर के खिलाफ न्यायालय से बी वारंट लिया था और उसे जेल में रिसीव करा कर आई थी।
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दिल्ली पुलिस मोहम्मद जुबैर को न्यायालय में बी वारंट पर पेशी के लिए लेकर आई। सीजेएम न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मोहम्मद जुबैर पर थाना कोतवाली हाथरस में धारा 153 ए 295, 298 और 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था और जिले के सिकंदराराऊ कोतवाली में भी उस पर मुकदमा कायम है ।
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आज जमानत पर होनी थी सुनवाईAlt News co-founder Mohammed Zubair sent to 14-day judicial custody after he appeared before Hathras court after 2 cases were registered against him in the district in 2018 pic.twitter.com/nOoj5Ou8lN
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 14, 2022
मालूम हो कि हिंदू देवी देवताओं के बारे में आपत्तिजनक ट्वीट करने के मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे जुबैर की जमानत पर आज ही सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही हाथरस अदालत ने एक अन्य मामले में उसे न्यायिक हिरासत में रखने की अनुमति दे दी।
विशेष धर्म के भगवान का अपमान करने का है आरोप
जुबैर के खिलाफ शिकायत में आरोप है कि उसने एक विशेष धर्म के भगवान का जानबूझकर अपमान करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की थी। उनके ट्वीट को री-ट़्वीट किया जा रहा था। उनके अनुयायियों व सोशल मीडिया संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर ट्वीट को फैलाना शुरू कर दिया था।
गिरफ्तरी के बाद को मोहम्मद जुबैर को पूछताछ के लिए द्वारका स्थित आईएफएसओ के कार्यालय बुलाया गया था। पूछताछ में उनके ट्वीट को आपत्तिजनक पाया गया। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ऐसा कार्य जिससे माहौल बिगडने और उपद्रव होने की आशंका हो) और धारा 295 (किसी समाज द्वारा पवित्र माने वाली वस्तु का अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।