तहसीलदार के खिलाफ पनपते आक्रोश को लेकर मंगलवार को बार अध्यक्ष देवजीत शर्मा ने अधिवक्ताओं की एक बैठक बुलाई। जिसका संचालन सुभाष कुमार सिंह ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। लेकिन अध्यक्ष द्वारा अधिवक्ताओं की भावनाओं के प्रतिकूल तहसीलदार से वार्ता का निर्णय लिया।
दरअसल अधिवक्ता तहसीलदार के व्यवहार एवं कार्यशैली से असंतुष्ट थे। इस कारण प्रार्थना पत्र देकर बैठक बुलाने का आग्रह किया था। बैठक में प्रतिभाग करने वाले सभी अधिवक्ताओं के बयान लिए गए। क्षुब्ध अधिवक्ताओं ने तहसीलदार की कार्यशैली एवं व्यवहार पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि तहसीलदार मनमानी रवैया अपनाते हैं। बैठक में अधिकांश अधिवक्ताओं की राय तहसीलदार के खिलाफ होने के बाद भी अध्यक्ष द्वारा तहसीलदार से वार्ता का निर्णय लिया। जिससे अधिवक्ता असंतुष्ट नजर आए। बैठक में पीके सिंह, प्यारे लाल शर्मा, चंद्रपाल सिंह, मनवीर सिंह, धर्मवीर सिंह, सुरेश चंद्र शर्मा, राजेश लवानियां, मलखान सिंह, वकील सिंह तोमर, संजीव कुमार, योगेंद्र पाल सिंह, महेंद्र पाल कुशवाहा, कृष्ण सिंह, महेश तोमर, केपी सुमन, एमपी सिंह, राजवीर सिंह, निरंजन लाल, राजन सिंह, प्रीतम सिंह, सुरेश कुमार, श्यामवीर सिंह, दिनेश कुशवाहा, गिर्राज सिंह, अरविंद गुप्ता, पद्म सिंह, भरत सिंह बघेल, गौरी शंकर किरोडी लाल, सुनील दत्त पाठक, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।