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Hathras News: एक लाख रुपये में बिक रहा तोताफरी बकरा
Sat, 16 May 2026 02:00 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 16 May 2026 02:00 AM IST
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ईद पर एक लाख रुपये में बिका बकरा। संवाद
- फोटो : Samvad
बकरीद का त्योहार करीब आते ही क्षेत्र में बकरों का बाजार सज गया है। नगर के हाथरस रोड पर लगने वाली पशु पैंठ में बकरे खरीदने वालों की भीड़ उमड़ रही है। यहां 15 से 20 हजार रुपये में बकरों की बिक्री हो रही है। पैंठ में आए तोताफरी नामक बकरे की बिक्री एक लाख रुपये तक में हो रही है।
बकरे की लंबाई, वजन, लंबे कानू और उसके तोते जैसे मुंह के आकार को देखते हुए उसे तोताफरी नाम दिया जाता है। अलीगढ़, बुलंदशहर, नोएडा, खुर्जा आदि जगहों के लोग हर बुधवार को लगने वाली पैंठ में पहुंच रहे हैं। खरीदार कुर्बानी के लिए बकरे खरीदकर गाड़ी में ले जा रहे हैं।
इस बार पैंठ में राजस्थानी तोताफरी, बारबरा, गद्दा बादशाह, अश्के नज़र बकरों की मांग सबसे ज्यादा है। यह बकरा वजन में काफी भारी और लंबा-चौड़ा व सुंदर होता है। इसको कुर्बानी के लिए सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
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बता दें कि बकरीद से एक माह पहले से ही बकरों की मांग बढ़ जाती है। जितना तंदुरुस्त बकरा होता है, उसका दाम भी उतना ही ज्यादा होता है।ग्रामीण अंचल के किसान और कई लोगों ईद पर बेचने के लिए बकरों को पालते हैं और खिला-पिलाकर तंदुरुस्त बनाते हैं।
पैंठ स्वामी पम्मी सिद्दीकी ने बताया कि अगले बुधवार को पैंठ में खरीदारों की भीड़ ज्यादा रहेगी। बुलंदशहर निवासी तौफीक आलम ने बताया कि कुर्बानी के लिए बकरे की कीमत नहीं, बल्कि सुंदरता देखी जाती है। हमने भी कुर्बानी के लिए बकरा खरीदा है।
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बकरे की लंबाई, वजन, लंबे कानू और उसके तोते जैसे मुंह के आकार को देखते हुए उसे तोताफरी नाम दिया जाता है। अलीगढ़, बुलंदशहर, नोएडा, खुर्जा आदि जगहों के लोग हर बुधवार को लगने वाली पैंठ में पहुंच रहे हैं। खरीदार कुर्बानी के लिए बकरे खरीदकर गाड़ी में ले जा रहे हैं।
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इस बार पैंठ में राजस्थानी तोताफरी, बारबरा, गद्दा बादशाह, अश्के नज़र बकरों की मांग सबसे ज्यादा है। यह बकरा वजन में काफी भारी और लंबा-चौड़ा व सुंदर होता है। इसको कुर्बानी के लिए सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
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बता दें कि बकरीद से एक माह पहले से ही बकरों की मांग बढ़ जाती है। जितना तंदुरुस्त बकरा होता है, उसका दाम भी उतना ही ज्यादा होता है।ग्रामीण अंचल के किसान और कई लोगों ईद पर बेचने के लिए बकरों को पालते हैं और खिला-पिलाकर तंदुरुस्त बनाते हैं।
पैंठ स्वामी पम्मी सिद्दीकी ने बताया कि अगले बुधवार को पैंठ में खरीदारों की भीड़ ज्यादा रहेगी। बुलंदशहर निवासी तौफीक आलम ने बताया कि कुर्बानी के लिए बकरे की कीमत नहीं, बल्कि सुंदरता देखी जाती है। हमने भी कुर्बानी के लिए बकरा खरीदा है।