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कुपोषण का शिकार 1643 विकलांग बच्चे चिन्हित
Hathras
Updated Fri, 17 Oct 2014 05:30 AM IST
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हाथरस। जिले में कुपोषण पर नियंत्रण के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। फिर भी जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इसी शिक्षा सत्र में कराएं गए हाउस होल्ड सर्वे में भी कुपोषण के शिकार 1643 विकलांग बच्चों को चिन्हित किया है। हालांकि विभाग इन सभी बच्चों को विकलांग बच्चों की सूची में रखता है। लेकिन इन बच्चों की विकलांगता का मूल कारण कुपोषण ही है। कुपोषण को रोकने के लिए शासन ने स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आशा योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना में आशा बहू गर्भवती महिलाओं के गर्भ में कुपोषण से रोकने के लिए खान पान के लिए पोषाहार व शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों को पूरा करने के लिए दवाओं का भी वितरण करती है। इसके बाद प्री-प्राइमरी स्तर पर बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषाहार योजना का संचालन किया जा रहा है। इस स्तर पर भी पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराकर शरीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ्य रखने के लिए पोषाहार व आयोडीन की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया जा रहा है। जिससे बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा सके। इसके बाद 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मध्यान्ह भोजन योजना भी संचालित की जा रही है। किंतु इन सभी योजनाओं के संचालन के नाम पर हो रही खाना पूरी व दुरुपयोग के कारण बच्चों को कुपोषण से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।
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