फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   डग्गेमार वाहन कराते हैं ‘मौत का सफर’

डग्गेमार वाहन कराते हैं ‘मौत का सफर’

Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
Hathras
Hathras Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
हाथरस/सिकंदराराऊ/सादाबाद/ सासनी। जिले में बढ़ती डग्गेमारी के कारण यात्रियों के जीवन पर हर समय संकट के बादल मंडराते रहते हैं। डग्गेमार वाहनों की यात्रा से यात्रियों को अधिक समय, अधिक पैसा, शारीरिक एवं मानसिक परेशानी, सामान चोरी जैसी मुसीबतों से लगातार दो चार होना पड़ता है, लेकिन यात्रियों की शिकायतों को सहायक संभागीय परिवहन विभाग व पुलिस विभाग की मिलीभगत के चलते कभी कोई अहमियत नहीं दी जाती है। जिससे बे-रोक टोक डग्गेमार वाहनों के ऑपरेटर्स अपने वाहनों का संचालन करते रहते हैं।
विज्ञापन


हर कस्बे से चलते हैं डग्गेमार वाहन
जिले की हर तहसील एवं कस्बे से डग्गेमार वाहनों का संचालन हो रहा है। हाथरस से डग्गेमार वाहनों का संचालन, आगरा, अलीगढ़, इगलास, सिकंदराराऊ, सादाबाद,जलेसर, मुरसान, मथुरा, हाथरस जंक्शन, सासनी आदि नगर एवं महानगरों के लिए हो रहा है। जिसमें बसों के अलावा छोटे वाहन एवं जुगाड़ भी शामिल हैं। सिकंदराराऊ से डग्गेमार वाहनों का संचालन अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज आदि राजमार्गों पर प्रमुख रूप से देखा जा सकता है। सासनी से विजयगढ़, अलीगढ़, हाथरस, जलेसर आदि के लिए डग्गेमार वाहनों का संचालन हो रहा है। जबकि सादाबाद से आगरा, हाथरस, जलेसर, राया, मथुरा आदि स्थानाें के लिए डग्गेमार बसों का संचालन हो रहा है।
विज्ञापन


प्राइवेट ऑपरेटर्स की अधिकांश बस बिना परमिट के
इन लोकल रूटों पर चलने वाली बसों में से अधिकांश के पास कोई परमिट नहीं होता है। यह बसें इन प्राइवेट ऑपरेटर्स द्वारा सहायक संभागीय परिवहन विभाग एवं इलाका पुलिस को हर माह के लिए निर्धारित धनराशि के लेन देन के आधार पर ही संचालित होती रहती है। इनकी चेकिंग के लिए कभी कोई संभागीय परिवहन विभाग का दल नहीं जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


निर्धारित सीमा के बाहर भी करती हैं यह बसें डग्गेमारी
लोकल रूटों पर चलने वाली इन बसों पर कुछ पर आसपास के जिलों के सिटी बस के लाइसेंस हैं। लेकिन इन बसों का संचालन शहर तो छोड़ो जिले की सीमाओं को लांघकर भी किया जा रहा है। तो कुछ पर कुछ खास रूटों के परमिट होते हैं, लेकिन यह सभी सहायक संभागीय परिवहन विभाग और पुलिस की मिली भगत के कारण जिले भर में आराम से बे-रोक टोक डग्गेमारी करती रहती हैं।

उम्र पूरी कर चुकी बसें भी दौड़ रही हैं लोकल रूटों पर
सहायक संभागीय परिवहन विभाग से बस अथवा किसी भी वाहन का रजिस्ट्रेशन होने के साथ ही उक्त बस एवं वाहन की उम्र भी निर्धारित होती है। लेकिन यह ऑपरेटर्स जिन बसों की उम्र पूरी हो चुकी होती है। उन्हें लोकल रूटों पर फिर भी लगातार यात्रियों के जीवन से खिलवाड़ करते हुए संचालित करते रहते हैं।

लोकल रूटों पर इन बसों का संचालन सिर्फ दिन में
प्राइवेट ऑपरेटर द्वारा इन बसों एवं डग्गेमार वाहनों का संचालन सिर्फ दिन में होता है। शाम होते ही यह ऑपरेटर अपना संचालन ठप कर देते हैं। जिससे देर शाम एवं रात में आने जाने वालों को थोड़ा भी लेट होने पर दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार तो यात्रियों को इन बसों एवं वाहनों का संचालन ठप होने के कारण अपनी यात्रा को पूरा करने के लिए शहर एवं कस्बों में ही रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ता है। या फिर अपने निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।

यात्रियों से होती है अधिक वसूली
इन प्राइवेट ऑपरेटर्स द्वारा यात्रियों से किराया भी अपनी मनमर्जी से ही वसूला जाता है। यह किराया हर रूट पर सरकारी दर से हमेशा अधिक रहता है। कई बार अधिक किराया वसूली को लेकर यात्रियों से इनका झगड़ा भी होता रहता है। लेकिन क्योंकि इन लोगों के संचालन में हमेशा कुछ दबंग लोगों का सहयोग रहता है। जिससे यात्रियों को जबरन इनका मनमाना किराया चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।


मानकों से अधिक लादी जाती हैं सवारी
इन प्राइवेट ऑपरेटर्स द्वारा बस हो या फिर छोटे वाहन हमेशा सहायक संभागीय परिवहन विभाग के नियमों के विपरीत ओवर लोडिंग एवं अधिक सवारियों को बिठाया तो जाता ही है। यात्रियों को उल्टा सीधा लटका भी लिया जाता है। जिससे अक्सर सड़क हादसे भी होते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed