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राखी बांधने के लिए तीन मुहूर्त, सुबह 9:48 तक सर्वश्रेष्ठ
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फोटो 36: आचार्य सनत्कुमार मिश्र। स्रोत : स्वय
हरदोई। रक्षाबंधन आज है। बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर लंबी आयु की कामना और रक्षा का वचन लेंगी। राखी बांधने के लिए सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक पहला और सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। वैसे भारत में चंद्रग्रहण नहीं दिखाई देगा। राहुकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए।
आचार्य सनत्कुमार मिश्र ने बताया कि त्योहार और राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त उचित रहते हैं। राखी बांधने के लिए पहला और सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक है। इसके बाद दोपहर शुभ चौघड़िया मुहूर्त 12:22 से 1:58 बजे तक है। शाम को 5:11 से 6:47 बजे तक मुहूर्त है। बताया कि शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय रक्षा सूत्र बांधने या कोई भी शुभ और मंगल कार्य करने से बचना चाहिए।
बताया कि इस बार रक्षाबंधन पूरे भारत में भद्रारहित शुभ योग के बीच मनाया जाएगा। बताया कि आंशिक चंद्र ग्रहण है इसके प्रति संशय न रखें। आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। भारत में इसका कोई भी धार्मिक महत्व नहीं होगा और न ही कोई सूतक काल लगेगा।
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आचार्य सनत्कुमार मिश्र ने बताया कि त्योहार और राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त उचित रहते हैं। राखी बांधने के लिए पहला और सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक है। इसके बाद दोपहर शुभ चौघड़िया मुहूर्त 12:22 से 1:58 बजे तक है। शाम को 5:11 से 6:47 बजे तक मुहूर्त है। बताया कि शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय रक्षा सूत्र बांधने या कोई भी शुभ और मंगल कार्य करने से बचना चाहिए।
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बताया कि इस बार रक्षाबंधन पूरे भारत में भद्रारहित शुभ योग के बीच मनाया जाएगा। बताया कि आंशिक चंद्र ग्रहण है इसके प्रति संशय न रखें। आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। भारत में इसका कोई भी धार्मिक महत्व नहीं होगा और न ही कोई सूतक काल लगेगा।
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