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Hardoi News: नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी, 33 दिन से मुश्किलों में जी रहे प्रभावित लोग
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हरदोई। बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। नदियों में पानी का आगे निकास ठीक होने से 24 घंटे में रामगंगा और गर्रा नदी के पानी में कमी दर्ज की गई है।
नदियों के पानी में कमी आने के बाद भी प्रभावित 150 गांवों के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 19 सेंटीमीटर की कमी आई है और पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 22 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ का पानी भरने से 89 परिषदीय स्कूल बंद चल रहे हैं।
रामगंगा और गर्रा नदी के पानी में कमी से बाढ़ का दायरा कम तो नहीं हुआ है लेकिन गांवों और आसपास भरा पानी कम होने लगा है। पानी कम होने के बाद भी प्रभावित लोगों की दिक्कतें बनी हुई हैं। 150 गांवों की फसलें बाढ़ के पानी में डूबकर खराब होने लगी हैं। करीब 24,000 से अधिक आबादी प्रभावित है। गंगा नदी में बुधवार को हरिद्वार बैराज से 69,269 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,87,529 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 4,329 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। प्रभावित गांवों के स्कूलों में पानी भरने से ब्लॉक बावन, भरखनी, सांडी और बिलग्राम क्षेत्र के 89 परिषदीय स्कूल बंद हैं।
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पाली क्षेत्र में गर्रा नदी का पानी धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। बाढ़ से कहारकोला के मुख्य मार्ग पर पुलिया के पास कच्चा रास्ता कटने से पास में बने वैकल्पिक रास्ते से ग्रामीण पैदल आवागमन करने लगे हैं। बाढ़ के पानी से फसलों के साथ चारा भी चौपट हो गया है। ग्रामीण मवेशियों के चारे को लेकर परेशान हैं।
बिलग्राम क्षेत्र में बाढ़ का प्रभाव घट नहीं रहा है, हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि बीते 24 घंटे से पानी जस का तस बना हुआ है। बिरनी, जरौली नेवादा, टटिया, मढि़या, रामपुर, समजलपुर, भोगतापुर, करीमपुर समेत गांवों के खेतों में पानी भरा है। कटरी परसोला, कटरी बिछुइया, कटरी जरसेनामऊ, म्योरा, पुनना पुरवा, जरेला समेत बड़ी संख्या में गांवों के आसपास पानी भरने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली से लेकर शिक्षा की समस्याएं उत्पन्न हैं। 33 दिनों से बाढ़ ने परेशान कर रखा है। उपजिलाधिकारी एन राम ने बताया कि प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है।
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नदियों के पानी में कमी आने के बाद भी प्रभावित 150 गांवों के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 19 सेंटीमीटर की कमी आई है और पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 22 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ का पानी भरने से 89 परिषदीय स्कूल बंद चल रहे हैं।
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रामगंगा और गर्रा नदी के पानी में कमी से बाढ़ का दायरा कम तो नहीं हुआ है लेकिन गांवों और आसपास भरा पानी कम होने लगा है। पानी कम होने के बाद भी प्रभावित लोगों की दिक्कतें बनी हुई हैं। 150 गांवों की फसलें बाढ़ के पानी में डूबकर खराब होने लगी हैं। करीब 24,000 से अधिक आबादी प्रभावित है। गंगा नदी में बुधवार को हरिद्वार बैराज से 69,269 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,87,529 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 4,329 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। प्रभावित गांवों के स्कूलों में पानी भरने से ब्लॉक बावन, भरखनी, सांडी और बिलग्राम क्षेत्र के 89 परिषदीय स्कूल बंद हैं।
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पाली क्षेत्र में गर्रा नदी का पानी धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। बाढ़ से कहारकोला के मुख्य मार्ग पर पुलिया के पास कच्चा रास्ता कटने से पास में बने वैकल्पिक रास्ते से ग्रामीण पैदल आवागमन करने लगे हैं। बाढ़ के पानी से फसलों के साथ चारा भी चौपट हो गया है। ग्रामीण मवेशियों के चारे को लेकर परेशान हैं।
बिलग्राम क्षेत्र में बाढ़ का प्रभाव घट नहीं रहा है, हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि बीते 24 घंटे से पानी जस का तस बना हुआ है। बिरनी, जरौली नेवादा, टटिया, मढि़या, रामपुर, समजलपुर, भोगतापुर, करीमपुर समेत गांवों के खेतों में पानी भरा है। कटरी परसोला, कटरी बिछुइया, कटरी जरसेनामऊ, म्योरा, पुनना पुरवा, जरेला समेत बड़ी संख्या में गांवों के आसपास पानी भरने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली से लेकर शिक्षा की समस्याएं उत्पन्न हैं। 33 दिनों से बाढ़ ने परेशान कर रखा है। उपजिलाधिकारी एन राम ने बताया कि प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है।