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Hardoi News: पिछले विधानसभा चुनाव सा क्लीनस्वीप करने की चुनौती होगी नए जिला प्रभारी के सामने
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हरदोई। भाजपा ने अवध क्षेत्र के निवर्तमान अध्यक्ष कमलेश मिश्रा को हरदोई का जिला प्रभारी बनाया है। उन्हें प्रभारी बनाकर भाजपा ने न सिर्फ जातीय संतुलन साधने की कोशिश की है बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच पैठ का भरपूर इस्तेमाल करने की रणनीति भी बनाई है। इस सबके बीच कमलेश मिश्रा पर भी वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों सा परिणाम लाने की चुनौती भी है।
विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा के जरिए भाजपा में पहुंचे कमलेश मिश्रा कुशल संगठक माने जाते हैं। पड़ोसी जनपद लखीमपुर के रहने वाले कमलेश मिश्रा कुछ माह पहले तक बतौर क्षेत्रीय अध्यक्ष जिले में सक्रिय रहते थे। क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने जिले के संगठन को मजबूती देने के साथ ही कार्यकर्ताओं का भी खूब उत्साह वर्धन किया।
क्षेत्रीय अध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने कई बार पूरे जिले को मथा है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की बड़ी जिम्मेदारी अब उनके कंधे पर है। हालांकि जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन से उनकी जुगलबंदी पहहले से ही बेहतर है। क्षत्रीय जिला अध्यक्ष के बाद ब्राम्हण जिला प्रभारी बनाकर भाजपा ने जातीय संतुलन भी साधा है।
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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के समय तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश पाल जिले के प्रभारी थे। तब भाजपा ने पहली बार जिले की आठों सीटों पर सफलता पाई थी। ऐसे में यह प्रदर्शन दोहराने की चुनौती भी जिला प्रभारी बनाए गए कमलेश मिश्रा के सामने है। कुल मिलाकर उन्हें जिला प्रभारी बनाए जाने पर संगठन के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है।
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विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा के जरिए भाजपा में पहुंचे कमलेश मिश्रा कुशल संगठक माने जाते हैं। पड़ोसी जनपद लखीमपुर के रहने वाले कमलेश मिश्रा कुछ माह पहले तक बतौर क्षेत्रीय अध्यक्ष जिले में सक्रिय रहते थे। क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने जिले के संगठन को मजबूती देने के साथ ही कार्यकर्ताओं का भी खूब उत्साह वर्धन किया।
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क्षेत्रीय अध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने कई बार पूरे जिले को मथा है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की बड़ी जिम्मेदारी अब उनके कंधे पर है। हालांकि जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन से उनकी जुगलबंदी पहहले से ही बेहतर है। क्षत्रीय जिला अध्यक्ष के बाद ब्राम्हण जिला प्रभारी बनाकर भाजपा ने जातीय संतुलन भी साधा है।
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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के समय तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश पाल जिले के प्रभारी थे। तब भाजपा ने पहली बार जिले की आठों सीटों पर सफलता पाई थी। ऐसे में यह प्रदर्शन दोहराने की चुनौती भी जिला प्रभारी बनाए गए कमलेश मिश्रा के सामने है। कुल मिलाकर उन्हें जिला प्रभारी बनाए जाने पर संगठन के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है।