{"_id":"6ab01d79edba3509c50cc156","slug":"chc-x-ray-machine-out-of-order-patients-forced-to-travel-30-km-to-hardoi-hardoi-news-c-213-sknp1042-157037-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: सीएचसी की एक्सरे मशीन खराब, हरदोई तक 30 किमी की दौड़ लगा रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: सीएचसी की एक्सरे मशीन खराब, हरदोई तक 30 किमी की दौड़ लगा रहे मरीज
विज्ञापन
बिलग्राम। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं जिम्मेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ती चली जा रही हैं। सीएचसी पर बीते 20 दिनों से एक्सरे मशीन खराब पड़ी है। ऐसे में दुर्घटना में घायल और चोटिल मरीजों को एक्सरे कराने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सीएचसी आने वाले मरीजों को या तो 30 किमी दूर हरदोई मेडिकल कॉलेज का रास्ता दिखाया जाता है या फिर मजबूरन मरीजों को निजी सेंटरों पर जाकर अधिक शुल्क देकर जांच करानी पड़ती है। इससे मरीज का समय और पैसा दोनों ही अधिक खर्च हो रहे हैं।
बिलग्राम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। चूंकि बिलग्राम क्षेत्र कटरा बिल्हौर हाईवे से जुड़ा है। ऐसे में आए दिन दुर्घटना में घायल मरीज पहुंचते रहते हैं। मार्ग दुर्घटनाओं में घायल मरीजों का एक्सरे कराना प्राथमिकता होता है लेकिन बिलग्राम सीएचसी पर बीते 20 दिनों से एक्सरे व्यवस्था पूरी तरह से ठप है।
मशीन के कंट्रोल बोर्ड में खराबी आने से एक्सरे नहीं हो रहे हैं। इससे रोजाना 50 से 60 मरीजों को बैरंग होना पड़ रहा है। गंभीर घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है वहीं चोटिल मरीजों को 30 किमी दूर हरदोई मेडिकल कॉलेज में एक्सरे कराने की सलाह दी जाती है। ऐसे में तमाम मरीज समय बचाने के लिए अधिक पैसे खर्च र्चा कर निजी केंद्रों पर एक्सरे कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों की बढ़ी परेशानी
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए परेशानी और अधिक बढ़ गई है। मरीजों का कहना है कि सीएचसी तक पहुंचने में ही किराया खर्च हो जाता है। यहां मशीन खराब मिलने के बाद उन्हें 30 किलोमीटर दूर हरदोई जाने की सलाह दी जाती है। हरदोई जाकर एक्सरे कराने में पूरा दिन चाहिए अगर समय बचाने के लिए निजी केंद्रों पर जाओ तो वहां पर 400 से 700 रुपये तक वसूल लिए जाते हैं। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए यह दोहरी आर्थिक मार साबित हो रही है।
बढ़ रहा मरीजों का दर्द
दो दिन पहले सड़क हादसे में पैर में गंभीर चोट लग गई थी। सीएचसी आए तो डॉक्टर ने एक्सरे लिखा,लेकिन अंदर जाने पर पता चला कि मशीन 20 दिन से बंद है। अब इतनी दूर हरदोई जाने की हिम्मत नहीं है इसलिए निजी केंद्र से 400 रुपये में एक्सरे कराना पड़ा। -रामू, शाहपुर
सीने में तेज दर्द की शिकायत पर डॉक्टर को दिखाया था। उन्होंने एक्सरे कराने की सलाह दी। सीएचसी पर मशीन खराब है तो हरदोई चले जाने के लिए कह दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को 30 किमी दूर जाना काफी महंगा साबित होता है। -सुनीता देवी, सदरपुर
-- -- -- -- -- -- -
एक्सरे मशीन ठीक कराने के लिए जिला स्तर पर दो बार पत्र भेजे जा चुके हैं। सीएमओ कार्यालय से भी संपर्क भी किया गया है। वहां से जल्द ही इंजीनियर भेजने की बात कही गई है। उम्मीद है कि जल्द ही मशीन को ठीक करा दिया जाएगा। -हेमंत राजपूत, सीएचसी अधीक्षक
विज्ञापन
बिलग्राम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। चूंकि बिलग्राम क्षेत्र कटरा बिल्हौर हाईवे से जुड़ा है। ऐसे में आए दिन दुर्घटना में घायल मरीज पहुंचते रहते हैं। मार्ग दुर्घटनाओं में घायल मरीजों का एक्सरे कराना प्राथमिकता होता है लेकिन बिलग्राम सीएचसी पर बीते 20 दिनों से एक्सरे व्यवस्था पूरी तरह से ठप है।
विज्ञापन
मशीन के कंट्रोल बोर्ड में खराबी आने से एक्सरे नहीं हो रहे हैं। इससे रोजाना 50 से 60 मरीजों को बैरंग होना पड़ रहा है। गंभीर घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है वहीं चोटिल मरीजों को 30 किमी दूर हरदोई मेडिकल कॉलेज में एक्सरे कराने की सलाह दी जाती है। ऐसे में तमाम मरीज समय बचाने के लिए अधिक पैसे खर्च र्चा कर निजी केंद्रों पर एक्सरे कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों की बढ़ी परेशानी
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए परेशानी और अधिक बढ़ गई है। मरीजों का कहना है कि सीएचसी तक पहुंचने में ही किराया खर्च हो जाता है। यहां मशीन खराब मिलने के बाद उन्हें 30 किलोमीटर दूर हरदोई जाने की सलाह दी जाती है। हरदोई जाकर एक्सरे कराने में पूरा दिन चाहिए अगर समय बचाने के लिए निजी केंद्रों पर जाओ तो वहां पर 400 से 700 रुपये तक वसूल लिए जाते हैं। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए यह दोहरी आर्थिक मार साबित हो रही है।
बढ़ रहा मरीजों का दर्द
दो दिन पहले सड़क हादसे में पैर में गंभीर चोट लग गई थी। सीएचसी आए तो डॉक्टर ने एक्सरे लिखा,लेकिन अंदर जाने पर पता चला कि मशीन 20 दिन से बंद है। अब इतनी दूर हरदोई जाने की हिम्मत नहीं है इसलिए निजी केंद्र से 400 रुपये में एक्सरे कराना पड़ा। -रामू, शाहपुर
सीने में तेज दर्द की शिकायत पर डॉक्टर को दिखाया था। उन्होंने एक्सरे कराने की सलाह दी। सीएचसी पर मशीन खराब है तो हरदोई चले जाने के लिए कह दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को 30 किमी दूर जाना काफी महंगा साबित होता है। -सुनीता देवी, सदरपुर
एक्सरे मशीन ठीक कराने के लिए जिला स्तर पर दो बार पत्र भेजे जा चुके हैं। सीएमओ कार्यालय से भी संपर्क भी किया गया है। वहां से जल्द ही इंजीनियर भेजने की बात कही गई है। उम्मीद है कि जल्द ही मशीन को ठीक करा दिया जाएगा। -हेमंत राजपूत, सीएचसी अधीक्षक