फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The police's helplessness is benefiting the criminals, the court is closing the case by issuing permanent warrants.

Hardoi News: पुलिस की बेबसी से मिल रहा शातिरों को फायदा, स्थायी वारंट जारी कर मामले बंद कर रही कोर्ट

Wed, 15 Apr 2026 11:04 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2026 11:04 PM IST
विज्ञापन
The police's helplessness is benefiting the criminals, the court is closing the case by issuing permanent warrants.
हरदोई। गुडवर्क दिखाने के चक्कर में पुलिस कभी तमंचे बरामद कर लेती है तो कभी आनन फानन प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लेती है। न्यायालय में पेश करने पर आरोपियों को जेल भेज दिया जाता है। इसके बाद पुलिस की चाल धीमी होते-होते थम सी जाती है। नतीजा यह कि आरोपी खेाजे नहीं मिलते। न्यायालय आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करता है। आरोपी की खोजबीन तो दूर पुलिस यह गैर जमानती वारंट तामील तक नहीं करा पाती। इस वजह से बहुत से मामले न्यायालय को बिना निर्णय लिए ही स्थायी वारंट जारी कर बंद करने पड़ते हैं। पेश है इसी पर एक रिपोर्ट ...
विज्ञापन




केस एक
12 साल में पुलिस नहीं खोज पाई राज कुमार को
देहात कोतवाली पुलिस ने 10 जून 1996 को दानियालगंज निवासी ब्रजपाल गुप्ता को गोदहाई मजरा नयागांव गुलारामपुर से पकड़ा था। पुलिस का दावा था कि 10 जून को संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान बृजपाल को पकड़ा था। उसके पास से एक बंदूक और पांच कारतूस मिलने का दावा भी पुलिस ने किया था। लाइसेंस न दिखा पाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया था। कुछ अन्य मामले दर्ज होने के कारण राज कुमार की जमानत 17 जनवरी 2000 को हो पाई थी। कोर्ट में आरोप भी तय हुए थे। 18 जनवरी 2014 से राजकुमार कोर्ट नहीं गया। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हुआ लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। अब अदालत ने स्थायी वारंट जारी कर फाइल बंद कर दी है।
विज्ञापन



केस 2
महिला को पीटने वाला पति 14 साल से गुम

शहर कोतवाली क्षेत्र के अशराफ टोला निवासी एक महिला ने 12 दिसंबर 2000 को प्राथमिकी कराई थी। इसमें बताया था कि अशराफ टोला निवासी गिरीश चंद्र के साथ उसकी शादी घटना के करीब 26 वर्ष पहले हुई थी। पांच पुत्र और एक पुत्री भी थी। गिरीश चंद्र जिला विद्यालय निरीक्षक के यहां चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी था। 11 दिसंबर 2000 को शराब के नशे में महिला के साथ मारपीट की थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इसके बाद न्यायालय ने उसे तलब किया था। न्यायालय के आदेश पर गिरीश चंद्र ने जमानत कराई थी। एक मई 2012 के बाद से गिरीशचंद्र कोर्ट नहीं पहुंचा। उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट भी जारी हुआ। 14 साल में भी पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी। अब स्थायी वारंट जारी कर न्यायालय ने मामला बंद कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




केस 3

जिसके पास से मिला तमंचा, वह तीन साल से लापता

बिलग्राम नगर के काजीपुरा मोहल्ला निवासी राजकुमार को नघेटा पुलिया से आवास विकास की ओर जाने वाली सड़क पर 13 जनवरी 2000 को शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि राज कुमार के पास से एक तमंचा व एक कारतूस बरामद हुआ है। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। 14 मार्च 2023 के बाद गैर जमानती वारंट जारी होने पर भी पुलिस राजकुमार को नहीं तलाश पाई। अब न्यायालय ने स्थायी वारंट जारी कर इस मामले की फाइल भी बंद कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed