{"_id":"66c244f291b47f7f200c0b94","slug":"the-light-should-remain-only-for-me-i-dont-want-to-shine-like-this-hardoi-news-c-213-1-hra1001-118505-2024-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: रोशनी सिर्फ मेरे तलक ही रहे, इस तरह जगमगाना नहीं चाहता...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: रोशनी सिर्फ मेरे तलक ही रहे, इस तरह जगमगाना नहीं चाहता...
विज्ञापन
भरावन। जनिगांव गांव में एक मैरिज लॉन में शनिवार रात एक कोचिंग संस्थान की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया, हंसाया और तालियां बटोरी।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ संस्था अध्यक्ष शिव शर्मा ने मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कवियत्री आकांक्षा गुप्ता ने वाणी वंदना की प्रस्तुति दी। गीतकार गीतेश दीक्षित ने है लाचार किसान परिस्थिति का मारा, खुले मवेशी महंगाई हर विधि से हारा। कवि राजेश बाबू अवस्थी ने पढ़ा कि किसी हाल में भारत मां की शान नहीं जाने देंगे, हास्य कवि सरल सुनामी ने अपना जीवन तो बस सीधा सादा है, दिल न तोड़ेंगे तेरा ये वादा है रचना सुनाई।
संयोजक कवि आदेश तिवारी ने रोशनी सिर्फ मेरे तलक ही रहे, इस तरह जगमगाना नहीं चाहता कविता पढ़कर वाहवाही लूटी। गीतकार पवन प्रगीत ने मन कबीरा को पढ़के जाना है, एक हीरा को पढ़के जाना है। हास्य कवि अजीत शुक्ल ने संचालन करते हुए अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। पिता से पाई-पाई बांट लेते हैं, दर ओ दीवार चारपाई बांट लेते हैं। कार्यक्रम में जनिगांव प्रधान रीशू सिंह, ओपी राठौर, मुकेश वर्मा, विवेक द्विवेदी, अक्षय शुक्ला, अनुज मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कवि सम्मेलन का शुभारंभ संस्था अध्यक्ष शिव शर्मा ने मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कवियत्री आकांक्षा गुप्ता ने वाणी वंदना की प्रस्तुति दी। गीतकार गीतेश दीक्षित ने है लाचार किसान परिस्थिति का मारा, खुले मवेशी महंगाई हर विधि से हारा। कवि राजेश बाबू अवस्थी ने पढ़ा कि किसी हाल में भारत मां की शान नहीं जाने देंगे, हास्य कवि सरल सुनामी ने अपना जीवन तो बस सीधा सादा है, दिल न तोड़ेंगे तेरा ये वादा है रचना सुनाई।
विज्ञापन
संयोजक कवि आदेश तिवारी ने रोशनी सिर्फ मेरे तलक ही रहे, इस तरह जगमगाना नहीं चाहता कविता पढ़कर वाहवाही लूटी। गीतकार पवन प्रगीत ने मन कबीरा को पढ़के जाना है, एक हीरा को पढ़के जाना है। हास्य कवि अजीत शुक्ल ने संचालन करते हुए अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। पिता से पाई-पाई बांट लेते हैं, दर ओ दीवार चारपाई बांट लेते हैं। कार्यक्रम में जनिगांव प्रधान रीशू सिंह, ओपी राठौर, मुकेश वर्मा, विवेक द्विवेदी, अक्षय शुक्ला, अनुज मौजूद रहे।
विज्ञापन