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Hardoi News: शराफत अली को करना पड़ा ताला खुलने का इंतजार

Sat, 23 Mar 2024 01:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Sat, 23 Mar 2024 01:40 PM IST
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Sharafat Ali had to wait for the lock to open
हरदोई। जिले में सपा में चल रहा अंतर्विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष घोषित होने के बाद शुक्रवार को पार्टी के जिला कार्यालय पहुंचे शराफत अली को अपने समर्थकों के साथ काफी देर तक ताला खुलने का इंतजार करना पड़ा।
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चर्चा है कि जिलाध्यक्ष पद से हटाकर प्रदेश सचिव बनाए गए बीरे यादव के पास चाबी थी, लेकिन उन्होंने इससे इन्कार किया है। इन सबके बीच शराफत अली ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और दावा किया कि हरदोई और मिश्रिख लोकसभा सीट से सपा चुनाव जीतेगी।
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नगर पालिका परिसर में स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शराफत अली ने कहा कि पूर्व में भी तीन बार जिलाध्यक्ष और कई बार प्रदेश सचिव रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि बूथवार जनता के बीच सपा की नीतियों का प्रचार प्रसार करेंगे।
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पत्रकार वार्ता में मौजूद हरदोई और मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी विकास यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने सभी वर्गाें के साथ धोखा किया है। पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा जीतू, पम्मू यादव, पूर्व विधायक राजेश्वरी, वरिष्ठ नेता प्रहलाद मिश्रा, आदर्श दीपक मिश्रा, अमित वाजपेयी, मुकेश यादव, जिला पंचायत सदस्य छत्तर आदि मौजूद रहे।
उधर, प्रेसवार्ता दौरान कार्यकर्ताओं के बीच कार्यालय का फर्नीचर गायब हो जाने की जबरदस्त चर्चा रही। प्लास्टिक और फैंसी कुर्सियां, एसी और एलईडी टीवी कार्यालय में न होने को लेकर चकचक मची रही। इसको लेकर आरोप निवर्तमान जिलाध्यक्ष बीरे यादव पर लगे, लेकिन उन्होंने कहा कि सिर्फ निजी सामग्री ही ली है। बाकी सब बेबुनियाद आरोप हैं।

तो चार जून तक के लिए शराफत अली अध्यक्ष
जिलाध्यक्ष पद से हटाकर प्रदेश सचिव और दो विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी बनाए गए बीरे यादव की एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। इस पोस्ट में उन्होंने अखिलेश यादव को अपना मसीहा बताया है। लिखा है कि बुलाकर अध्यक्ष बनाया था और सहमति लेकर चार जून तक के लिए हटाया है।

और फिर आरोपों की झड़ी
बीरे यादव ने अखिलेश यादव को व्हाट्स एप से एक संदेश भेजे जाने की जानकारी मीडिया को दी। इसमें दावा किया है कि सपा कार्यालय में एक बैनर लगा था, जिसमें अखिलेश यादव और डिंपल यादव की फोटो के साथ ही मुलायम सिंह यादव, रामगोपाल यादव आदि की फोटो भी थी। आरोप है कि नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शराफत अली, पूर्व जिलाध्यक्ष जीतू वर्मा और विकास यादव ने बैनर फाड़कर इसे पैरों से रौंद दिया। इन लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि शराफत अली, विकास यादव और जीतू वर्मा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
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