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Hardoi News: हड्डी वार्ड में मरीज व तीमारदार पानी के लिए परेशान
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हरदेाई। मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड की दशा बेहद खराब है। यहां न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न ही प्रसाधन के लिए पानी का इंतजाम। मरीज और उनके तीमारदार बाहर से बोतलों में पानी भरकर लाते नजर आते हैं, तो कई बार तीमारदार पानी बंद बोतलें खरीदकर किसी तरह काम चलाते हैं।
मेडिकल कालेज संचालित होने के बाद पूरे जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को मेडिकल कालेज के अधीन ही कर दिया गया था। सड़क के दूसरी ओर हड्डी वार्ड बनाया गया है। जिस जगह पर हड़्डी वार्ड बना है, वहां पहले नेत्र चिकित्सा विभाग था और ऑपरेशन थिएटर भी संचालित होता था। शनिवार को हड्डी वार्ड में चार मरीज भर्ती नजर आए। इन चारों के साथ कई तीमारदार भी थे। कुछ लोग इन मरीजों को देखने भी आए थे, लेकिन भीषण गर्मी में कुछ ही देर में गला सूखने लगा। इस पर पानी की तलाश हुई तो पूरे परिसर में कहीं पानी की व्यवस्था ही नहीं मिली। वहां मौजूद कर्मचारियों से पानी के बारे में पूछा गया तो पता चला कि यहां पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। अस्पताल के गेट के बाहर लगी दुकानों से बोतल बंद पानी या फिर पानी के पाउच खरीदने पड़ते हैं। अस्पताल के मुख्य परिसर में एक आरओ प्लांट लगा है, कुछ लोग वहां से पानी लाते हैं। इसी तरह कुछ लोग एक सामाजिक संगठन के परिसर में लगे वाटर कूलर से किसी तरह प्यास बुझाते हैं।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डाॅ. आर्य देश दीपक कहते हैं कि मेडिकल कालेज का नया भवन बनकर लगभग तैयार है। उक्त भवन में सारी व्यवस्थाएं हैं। निर्माण कार्य होने के कारण कुछ समस्याएं हैं, जिन्हें जल्द दूर कर दिया जाएगा।
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मेडिकल कालेज संचालित होने के बाद पूरे जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को मेडिकल कालेज के अधीन ही कर दिया गया था। सड़क के दूसरी ओर हड्डी वार्ड बनाया गया है। जिस जगह पर हड़्डी वार्ड बना है, वहां पहले नेत्र चिकित्सा विभाग था और ऑपरेशन थिएटर भी संचालित होता था। शनिवार को हड्डी वार्ड में चार मरीज भर्ती नजर आए। इन चारों के साथ कई तीमारदार भी थे। कुछ लोग इन मरीजों को देखने भी आए थे, लेकिन भीषण गर्मी में कुछ ही देर में गला सूखने लगा। इस पर पानी की तलाश हुई तो पूरे परिसर में कहीं पानी की व्यवस्था ही नहीं मिली। वहां मौजूद कर्मचारियों से पानी के बारे में पूछा गया तो पता चला कि यहां पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। अस्पताल के गेट के बाहर लगी दुकानों से बोतल बंद पानी या फिर पानी के पाउच खरीदने पड़ते हैं। अस्पताल के मुख्य परिसर में एक आरओ प्लांट लगा है, कुछ लोग वहां से पानी लाते हैं। इसी तरह कुछ लोग एक सामाजिक संगठन के परिसर में लगे वाटर कूलर से किसी तरह प्यास बुझाते हैं।
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य डाॅ. आर्य देश दीपक कहते हैं कि मेडिकल कालेज का नया भवन बनकर लगभग तैयार है। उक्त भवन में सारी व्यवस्थाएं हैं। निर्माण कार्य होने के कारण कुछ समस्याएं हैं, जिन्हें जल्द दूर कर दिया जाएगा।
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