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Hardoi News: नौकरी के साथ की संस्थागत पढ़ाई अब एफआईआर होगी
Wed, 17 Apr 2024 10:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Wed, 17 Apr 2024 10:57 PM IST
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हरदोई। सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के सोनेपुर गांव निवासी एक युवक पर नौकरी के साथ ही एलएलबी की पढ़ाई करने के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है।
सीएमओ के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी ने पत्रावली एसपी को भेजी है। पूरे मामले में एसपी ने सीओ हरपालपुर को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सोनेपुर निवासी कुलदीप यादव ने वर्ष 2014 में क्षय रोग विभाग में वरिष्ठ स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पर नौकरी शुरू की थी। इसी दौरान उसकी तैनाती सांडी स्वास्थ्य केंद्र में थी। नौ जून 2017 को पुलिस ने उसे वर्ष 2016 में दर्ज हुए एक मामले में जेल भेज दिया था। इसकी शिकायत सोनेपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों से की थी। जिसके बाद उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी।
इसी बीच कुलदीप यादव के खिलाफ एक और शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया गया था कि क्षय रोग विभाग में नौकरी करने के दौरान वह साथ में ही विधि स्नातक की संस्थागत पढ़ाई भी कर रहा था। इसकी भी जांच कराई गई और जांच में कुलदीप यादव को दोषी पाया गया। पूरे मामले की रिपोर्ट आने के बाद जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. शरद वैश्य ने पूरी पत्रावली एसपी को भेजी है।
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फर्जीवाड़े के साथ ही शासकीय धनराशि के इस्तेमाल को लेकर भी एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया गया है। एसपी केसी गोस्वामी ने बताया कि पत्रावली परीक्षण के लिए सीओ हरपालपुर को भेजी है। इसके बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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सीएमओ के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी ने पत्रावली एसपी को भेजी है। पूरे मामले में एसपी ने सीओ हरपालपुर को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सोनेपुर निवासी कुलदीप यादव ने वर्ष 2014 में क्षय रोग विभाग में वरिष्ठ स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पर नौकरी शुरू की थी। इसी दौरान उसकी तैनाती सांडी स्वास्थ्य केंद्र में थी। नौ जून 2017 को पुलिस ने उसे वर्ष 2016 में दर्ज हुए एक मामले में जेल भेज दिया था। इसकी शिकायत सोनेपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों से की थी। जिसके बाद उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी।
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इसी बीच कुलदीप यादव के खिलाफ एक और शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया गया था कि क्षय रोग विभाग में नौकरी करने के दौरान वह साथ में ही विधि स्नातक की संस्थागत पढ़ाई भी कर रहा था। इसकी भी जांच कराई गई और जांच में कुलदीप यादव को दोषी पाया गया। पूरे मामले की रिपोर्ट आने के बाद जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. शरद वैश्य ने पूरी पत्रावली एसपी को भेजी है।
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फर्जीवाड़े के साथ ही शासकीय धनराशि के इस्तेमाल को लेकर भी एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया गया है। एसपी केसी गोस्वामी ने बताया कि पत्रावली परीक्षण के लिए सीओ हरपालपुर को भेजी है। इसके बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।