UP: बेच दिया मकान...न रहा घर और न मिला पीएम आवास का लाभ, नौ परिवार अपात्र की श्रेणी में किए गए चिह्नित
Hardoi News: योजना के नोडल अधिकारी परियोजना निदेशक गजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि बजट आते ही पात्रता की श्रेणी में चिह्नित परिवारों को तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये खातों में हस्तांतरित कराए जाएंगे।
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हरदोई जिले में लालच के चक्कर में न घर के रहे, न घाट के यह मुहावरा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के एक आवेदनकर्ता पर सटीक साबित हुआ। योजना के लाभ लेने के चक्कर में खुद को बेघर साबित करने के लिए आवेदनकर्ता ने अपना मकान ही बेच दिया।
इसके बाद में हुई जांच में मामले का खुलासा हो गया। ऐसे में न तो उसका मकान ही रह गया और न ही योजना का लाभ मिला। मामला विकास खंड बावन के बरसोहिया से जुड़ा है। बेघर परिवारों को पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये मिलते हैं।
योजना के लिए पात्रता भी निर्धारित की गई है। इसमें बेघर होना पहली शर्त है। गांव की राजनीति और ब्लॉक के जिम्मेदारों की ढिलाई से अप्रैल में 10 परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवास की स्वीकृति जारी हुई। वहीं बरसोहिया में जो हुआ वह एक नजीर बन गया।
अपात्र होने के डर से बेच दिया मकान
समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि बरसोहिया निवासी विजयपाल की पत्नी रीमा के नाम से आवास स्वीकृत हुआ। आवास स्वीकृत होने पर अपात्र होने के डर से विजयपाल ने गांव में देवी मंदिर के पास बने पक्के मकान को बेच दिया। इनके पिता के पास भी पक्का मकान है।
ऐसे हुआ मामले का पर्दाफाश
जांच में इसी आधार पर विजयपाल को अपात्र घोषित कर दिया। सवायजपुर एसडीएम और योजना के नोडल अधिकारी जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक ने भौतिक जांच की तो, मामले का पर्दाफाश हो गया। यहां पर मकान बेच आवास पाने वाला परिवार ही नहीं, बल्कि 10 से में नौ परिवार अपात्रता की श्रेणी में पाए गए। समिति ने जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है।
यह परिवार भी पाए गए अपात्र
सवायजपुर एसडीएम व पीडी की ओर से की गई संयुक्त जांच में कविता पत्नी विमल किशोर, अनीता पत्नी रामनरेश, रामजीत पुत्र रामदास, मीना पत्नी मनोज, शकीला पत्नी हनीफ, अरुणा देवी पत्नी छोटे भइया व रामनरेश पुत्र सुमेर।
सीएम आवास योजना में 1628 जरूरतमंदों को मिलेंगे आवास
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कुष्ठ पीड़ितों, नट समुदाय के साथ ही दिव्यांगजन को एक अदद मकान दिए जाने की व्यवस्था है। शासन ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए योजना के तहत 1,628 आवासों के निर्माण के लक्ष्य के साथ स्वीकृति जारी कर दी है।
बजट आते ही पात्रता की श्रेणी में चिह्नित परिवारों को तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये खातों में हस्तांतरित कराए जाएंगे। दिव्यांगजन के साथ ही कुष्ठ पीड़ितों और दैवी आपदा प्रभावित परिवारों में से पात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवारों को योजना का लाभ दिए जाने के लिए खंड विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक व तहसीलदार से प्रमाणित सूची भी मांग ली गई है। -गजेंद्र कुमार तिवारी, परियोजना निदेशक