फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Heavily on infectious diseases , arranged helplessness

संक्रामक रोगों पर भारी, व्यवस्था की लाचारी

Sun, 12 Apr 2015 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Sun, 12 Apr 2015 12:53 AM IST
विज्ञापन
Heavily on infectious diseases , arranged helplessness

गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही संक्रामक रोगों का प्रभाव

विज्ञापन
भी बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल में संक्रामक रोगियोें की संख्या में काफी इजाफा हो गया है, पर मरीजों को पर्याप्त व्यवस्था न मिलने के कारण उनका स्वास्थ्य और भी खराब हो रहा है। शहर में बिकने वाले कटे और खुले खाद्य पदार्थ संक्रामक रोगों को बढ़ावा दे रहे हैं।

इससे मरीजों को निजी चिकित्सकों की शरण लेनी पड़ रही है। गौरतलब हो कि मौसम बदलने के साथ ही संक्रामक रोगों ने जिले में पांव पसारना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डायरिया और बुखार से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल पहुुंच रहे है।ं

जिला अस्पताल में फिजीशियन के न होने से मरीजों को उचित परामर्श नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा जो मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। उनके लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस कारण वार्ड में भर्ती मरीज और भी बेहाल हो रहे हैं, पर जिम्मेदार सभी कुछ दुरुस्त होने का दावा कर रहे हैं।

उधर, जिला अस्पताल से लेकर सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जनरेटर की व्यवस्था है, ताकि मरीजों को गर्मी में बेहाल न होना पड़े, पर जनरेटर व्यवस्था ठीक नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो दूर जिला अस्पताल के वार्ड में भी बिजली न रहने पर पंखे नहीं चलते। इससे मरीज गर्मी में बेहाल होते हैं और उनका स्वास्थ्य और भी खराब हो रहा है।

बताया जाता है कि बजट के अभाव में जनरेटर नहीं चल पा रहे हैं। इससे मरीज बिजली चली जाने पर गर्मी से बेहाल हो रहे है। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए साफ सफाई की बेहद जरूरी है, पर जिला अस्पताल में वार्डों में समय से सफाई नहीं होती है। इससे मरीज दुर्गंध और गंदगी से परेशान थे।

यहीं हाल लगभग हर वार्ड का रहता है। इससे मरीजों की हालत सुधरने के स्थान पर बिगड़ रही है। जिला अस्पताल में संक्रामक रोगियों की संख्या बढ़ने के कारण मरीजों को चिकित्सक से मिलना ही टेढ़ी खीर है। मरीजों को चिकित्सक से परामर्श लेने में ही पसीने छूट जाते हैं।

इससे उनके साथ साथ तीमारदार भी बीमारी के चपेट में आ जाते है। यहीं हाल दवा काउंटर का है। यहां पर भी मरीजों को दवा पाने को घंटों पसीना बहाना पड़ता है। इससे मरीजों को लाभ कम नुकसान ज्यादा हो रहा है।

उधर, शहर मेें जगह-जगह खुले खाद्य पदार्थों की बिक्री की जा रही है। कटे व सड़े फलों, गन्ने के जूस आदि के ठेले संक्रामक रोगों को बढ़ावा दे रहे। शहर के जिम्मेदार विभागों की नजर इस ओर नहीं जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed