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Hardoi News: तला-भुना भोजन बना रहा बच्चों काे बीमार... दस्त, खांसी व बुखार के मरीज बढ़े

Thu, 26 Mar 2026 11:11 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:11 PM IST
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Fried food is making children sick... The number of patients suffering from diarrhea, cough and fever is increasing.
फोटो-08- मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद
हरदोई। अचानक मौसम में आए उतार-चढ़ाव, गलत खानपान और लापरवाही बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। बदलाव का असर छोटे बच्चों की सेहत पर भी दिखने लगा है। मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभाग की ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रोजाना एक सैकड़ा से अधिक बच्चे दस्त, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। तमाम बच्चे तला-भुना खाकर भी बीमार पड़ रहे हैं।
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बाजार में बिकने वाले तले-भुने और खुले खाद्य पदार्थ बच्चों को सबसे ज्यादा बीमार कर रहे हैं। जंक फूड और दूषित खानपान के कारण बच्चों का पाचन तंत्र बिगड़ रहा है जिससे वह दस्त और उल्टी की चपेट में आ रहे हैं। इसके साथ ही धूल और बढ़ते प्रदूषण से खांसी-जुकाम और तेज बुखार के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को करीब 967 मरीजों ने पर्चा बनवाया। अधिकांश मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग के रहे।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करन गौड़ ने बताया कि रोजाना 150 से अधिक की ओपीडी हो रही है। इनमें से अधिकांश बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी देखी जा रही है। पोषण की कमी और बदलते मौसम में सावधानी न बरतने की वजह से बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बच्चों में सर्दी-खांसी के साथ बुखार और पेट से संबंधित समस्याएं भी सामने आ रही हैं। पैथोलॉजी में रोजाना दो से ढाई सौ लोगों की जांच हो रही है। इसमें बुखार के मरीज अधिक हैं। अधिक दस्त आने पर बच्चों को भर्ती भी कराया गया है।
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डॉक्टर बोले- बचाव ही इलाज



बच्चों को सड़क किनारे बिकने वाले खुले और तले-भुने पदार्थों से दूर रखें।

इस मौसम में जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है इसलिए बच्चों को स्वच्छ पानी ही दें।
मच्छरों से बचाव के लिए बच्चों को शरीर ढकने वाले कपड़े पहनाएं।
बच्चों को केवल घर पर बना ताजा और पचने वाला भोजन ही खिलाएं।
शरीर में पानी की कमी न होने दें, ओआरएस या नींबू पानी का सेवन कराएं।
बच्चों के हाथ बार-बार धुलवाएं और उन्हें धूप में बाहर न निकलने दें।
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