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Hardoi News: ऑडिट में पकड़ी गईं पिहानी क्षेत्र पंचायत की टेंडर प्रक्रिया में खामियां, ब्लॉक प्रमुख सहित तीन को ठहराया जिम्मेदार

Tue, 17 Jun 2025 10:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jun 2025 10:42 PM IST
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Flaws in the tender process of Pihani area Panchayat were detected in the audit, three people including the block pramukh were held responsible
हरदोई। पिहानी क्षेत्र पंचायत में वर्ष 2022-23 में कराए गए कामों की टेंडर प्रक्रिया में ऑडिट के दौरान बड़ी खामियां पकड़ी गईं। शासन और जिले के अधिकारियों को भेजी गई ऑडिट रिपोर्ट में पिहानी के ब्लॉक प्रमुख, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी और लेखाकार को जिम्मेदार ठहराया गया। नियमों का उल्लंघन कर कराए गए कार्याें पर हुए 96 लाख, 18 हजार, 386 रुपये के भुगतान को गंभीर अनियमितता की श्रेणी में माना गया है।
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क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्य कराने के लिए बड़े पैमाने पर अलग-अलग मदों से बजट दिया जाता है। इस बजट का इस्तेमाल आमतौर पर संबंधित ब्लॉक प्रमुख अपने क्षेत्र की जरूरताें के हिसाब से विकास कार्य कराने में करते हैं। विकास कार्य तो कराए जाते हैं, लेकिन चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया समेत कई नियमों को ही तोड़ दिया जाता है। ऑडिट के दौरान यह अनियमितताएं सामने आते ही जिम्मेदारों में खलबली मची रहती है और किसी तरह मामले को मैनेज करने की कोशिश होती है।
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कुछ इसी तरह का मामला क्षेत्र पंचायत पिहानी में सामने आया है। सहकारी समितियां एवं पंचायत के जिला लेखा परीक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराए गए 22 कार्याें में टेंडर प्रक्रिया में ही गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही संबंधित कार्य की लागत का पांच फीसदी धन जमानत के तौर पर लगाया जाना चाहिए।
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बाकी की पांच फीसदी जमानत राशि भुगतान के समय बिलों के लिए काटी जानी चाहिए। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ दो फीसदी धरोहर राशि लेकर ही यहां काम करा दिए गए। ऑडिट रिपोर्ट में उक्त गड़बड़ी के लिए तत्कालीन खंड विकास अधिकारी उदयवीर दुबे, ब्लॉक प्रमुख कुशी वाजपेयी और तत्कालीन लेखाकार महेंद्र मिश्रा को जिम्मेदार माना गया है।



ऑडिट में की गई है कार्रवाई की अपेक्षा
ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी के लिए दोषी लोगों पर कार्रवाई की अपेक्षा की गई है। कहा गया कि उत्तर प्रदेश जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत (बजट व सामान्य लेखा नियमावली) 1965 के नियम 179 (2क) से (2ड) के अंतर्गत गंभीर अनियमितता का प्रकरण होने के कारण उच्चाधिकारियों से नियमानुसार कार्रवाई किया जाना अपेक्षित है।



यह टिप्पणी की गई है ऑडिट रिपोर्ट में
उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत निर्माण कार्य नियमावली 1984 के नियम 23 (1) में व्यवस्था दी गई है। इसमें लिखा है कि कोई ठेका न तब तक वैध होगा और न निर्माण कार्य तब तक प्रारंभ किया जाएगा, जब तक अपेक्षित प्रतिभूति यानी जमानत राशि जमा न करा ली जाए। पिहानी क्षेत्र पंचायत में ऐसा नहीं करके टेंडर प्रक्रिया के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन किया है।

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सहकारी समितियों और पंचायत के जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने ऑडिट में मिली गड़बड़ी की रिपोर्ट दी है। इसका परिपालन कराया जाना चाहिए था, लेकिन ब्लॉक की तरफ से समय से परिपालन नहीं कराया गया। गंभीर प्रकृति की आपत्तियां हैं, जिनके निराकरण के लिए दोबारा से पिहानी बीडीओ को आदेश दिए गए हैं। 60 दिन के अंदर परिपालन कराते हुए रिपोर्ट प्राप्त कराएंगे। ऐसा न किए जाने पर शासनादेश आगे की प्रक्रिया करेगा। -सौम्या गुरूरानी, सीडीओ
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