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Hardoi News: बाइकोंं की सामने से टक्कर में फैक्टरी कर्मी समेत युवक की मौत
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फोटो-10- रमेश। फाइल फोटो
हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र के कुतुआपुर के पास बुधवार देर रात दो बाइकों की आमने-सामने से हुई भिड़ंत में तीन लोग घायल हो गए। इस हादसे में फैक्टरी कर्मी और एक अन्य युवक की मौत हो गई जबकि फैक्टरी कर्मी की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
सुरसा थाना क्षेत्र के गोंदहईया पोस्ट खजुरहरा निवासी धीरज चौरसिया (24) शहर के लखनऊ चुंगी पर अपने ताऊ राम विलास की पान की दुकान पर काम करते थे। धीरज के चचेरे भाई विजय ने बताया कि वह अविवाहित था और माता-पिता व दो भाई की मृत्यु बचपन में हो गई थी। बुधवार रात को वह दुकान पर काम समाप्त करने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे गोंदहईया गांव जाने के लिए निकले थे। वहीं, दूसरी तरफ से बिलग्राम चुंगी मोहल्ला लक्ष्मीपुरवा निवासी रमेश शर्मा (55) अपनी पत्नी रमाकांती (52) के साथ अपनी ससुराल सुरसा से लौट रहे थे। रमेश के पुत्र अनमोल ने बताया कि कुतुआपुर के पास हरदोई की तरफ से आ रहे धीरज की बाइक में उनकी बाइक की टक्कर हो गई।
इसमें तीनों घायल हो गए। राहगीरों की जानकारी पर पुलिस ने एंबुलेंस से तीनों को मेडिकल कॉलेज भिजवाया। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने रमेश और धीरज को मृत घोषित कर दिया। रमाकांती का इलाज चल रहा है। अनमोल ने बताया कि उनके पिता हिमाचल प्रदेश में एक जिंक फैक्टरी में काम करते थे और परिवार समेत वहीं रहते थे। बीते 24 अप्रैल को ही वह लोग हरदोई आए थे। परिवार में उसके अलावा चार बहनें हैं जिनमें दो की शादी हो गई है और एक बहन नेत्रहीन है।
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धीरज के सिर से बचपन में ही उठ गया था परिजन का साया
हादसे में जान गंवाने वाले युवक धीरज के सिर पर माता-पिता का साया डेढ़ साल की उम्र में ही उठ गया था। चचेरे भाई विजय ने बताया कि करीब 21 साल पहले गांव में बारिश के दौरान कच्ची दीवार गिरने से धीरज के पिता रामखेलावन समेत मां और दो भाई दबकर मर गए थे। उस समय धीरज की उम्र डेढ़ साल थी। माता-पिता का साया उठने के बाद उसके ताऊ राम विलास चौरसिया ने ही उसे पाला था। वह उन्हीं के पास ही रहता था लेकिन कभी-कभार अपने गांव भी चला जाता था। बीते कुछ दिनों से गांव नहीं गया था तो बुधवार को उसने गांव जाने का मन बनाया लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। गांव पहुंचने से पहले ही वह हादसे का शिकार हो गया।
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सुरसा थाना क्षेत्र के गोंदहईया पोस्ट खजुरहरा निवासी धीरज चौरसिया (24) शहर के लखनऊ चुंगी पर अपने ताऊ राम विलास की पान की दुकान पर काम करते थे। धीरज के चचेरे भाई विजय ने बताया कि वह अविवाहित था और माता-पिता व दो भाई की मृत्यु बचपन में हो गई थी। बुधवार रात को वह दुकान पर काम समाप्त करने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे गोंदहईया गांव जाने के लिए निकले थे। वहीं, दूसरी तरफ से बिलग्राम चुंगी मोहल्ला लक्ष्मीपुरवा निवासी रमेश शर्मा (55) अपनी पत्नी रमाकांती (52) के साथ अपनी ससुराल सुरसा से लौट रहे थे। रमेश के पुत्र अनमोल ने बताया कि कुतुआपुर के पास हरदोई की तरफ से आ रहे धीरज की बाइक में उनकी बाइक की टक्कर हो गई।
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इसमें तीनों घायल हो गए। राहगीरों की जानकारी पर पुलिस ने एंबुलेंस से तीनों को मेडिकल कॉलेज भिजवाया। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने रमेश और धीरज को मृत घोषित कर दिया। रमाकांती का इलाज चल रहा है। अनमोल ने बताया कि उनके पिता हिमाचल प्रदेश में एक जिंक फैक्टरी में काम करते थे और परिवार समेत वहीं रहते थे। बीते 24 अप्रैल को ही वह लोग हरदोई आए थे। परिवार में उसके अलावा चार बहनें हैं जिनमें दो की शादी हो गई है और एक बहन नेत्रहीन है।
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धीरज के सिर से बचपन में ही उठ गया था परिजन का साया
हादसे में जान गंवाने वाले युवक धीरज के सिर पर माता-पिता का साया डेढ़ साल की उम्र में ही उठ गया था। चचेरे भाई विजय ने बताया कि करीब 21 साल पहले गांव में बारिश के दौरान कच्ची दीवार गिरने से धीरज के पिता रामखेलावन समेत मां और दो भाई दबकर मर गए थे। उस समय धीरज की उम्र डेढ़ साल थी। माता-पिता का साया उठने के बाद उसके ताऊ राम विलास चौरसिया ने ही उसे पाला था। वह उन्हीं के पास ही रहता था लेकिन कभी-कभार अपने गांव भी चला जाता था। बीते कुछ दिनों से गांव नहीं गया था तो बुधवार को उसने गांव जाने का मन बनाया लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। गांव पहुंचने से पहले ही वह हादसे का शिकार हो गया।

फोटो-10- रमेश। फाइल फोटो

फोटो-10- रमेश। फाइल फोटो