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Hardoi News: बुखार के मरीजों से इमरजेंसी फुल, स्ट्रेचर पर इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। संक्रामक व मच्छर जनित बीमारियों से लोग परेशान है। इमरजेंसी वार्ड में रोजाना बुखार के 20 मरीज भर्ती किए जा रहे है। उन्हें भी तीन-तीन घंटे बेड पाने के लिए स्ट्रेचर पर इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकतर मरीजों को प्राथमिक इलाज देने के बाद छुट्टी दे दी जाती है। निजी अस्पतालों में भी बेड खाली न होने के कारण मरीजों को वापस किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में 184 बेड है। भवन की कमी होने के कारण बेड भी नहीं बढाए जा सकते हैं। इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों रोजाना 20 से ज्यादा मरीज बुखार के भर्ती हो रहे है। जिनकी हालत गंभीर होती है जबकि आम दिनों में दो या तीन मरीज बुखार के भर्ती होते थे।
इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. विनय तिवारी ने बताया कि बुखार से परेशान मरीजों को पहले बेड न होने की बात बता दी जाती है। उसके बाद मरीज का इलाज किया जाता है। मरीज को राहत मिलने पर उसे दवा देकर घर भेज दिया जाता है।
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जिन मरीजों की हालत अधिक खराब होती है। उन्हें भर्ती किया जाता है। यहां गंभीर मरीजों को भी स्ट्रेचर पर लेटकर बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ रहा है। यह मेडिकल कॉलेज में ही नही है। निजी अस्पताल में बेड खाली नहीं मिल रहे हैं।
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वायरल बुखार के लक्षण
-शरीर से पसाीना निकलना
-शरीर में दर्द होना
-सर्दी लगकर बुखार आना
-मांशपोशियों में दर्द होना
-थकान व कमजोरी लगना
-भूख न लगना
- डिहाइड्रेशन होना
- जी मचलाना
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वायरल बुखार होने पर यह करें
-वायरल बुखार के मरीज को आराम करना चाहिए
-खाने में सूप व तरल व सुपाच्य भोजन करें
-पानी अधिक पिएं
- डॉक्टर से सलाह लें
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हरदोई। संक्रामक व मच्छर जनित बीमारियों से लोग परेशान है। इमरजेंसी वार्ड में रोजाना बुखार के 20 मरीज भर्ती किए जा रहे है। उन्हें भी तीन-तीन घंटे बेड पाने के लिए स्ट्रेचर पर इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकतर मरीजों को प्राथमिक इलाज देने के बाद छुट्टी दे दी जाती है। निजी अस्पतालों में भी बेड खाली न होने के कारण मरीजों को वापस किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में 184 बेड है। भवन की कमी होने के कारण बेड भी नहीं बढाए जा सकते हैं। इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों रोजाना 20 से ज्यादा मरीज बुखार के भर्ती हो रहे है। जिनकी हालत गंभीर होती है जबकि आम दिनों में दो या तीन मरीज बुखार के भर्ती होते थे।
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इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. विनय तिवारी ने बताया कि बुखार से परेशान मरीजों को पहले बेड न होने की बात बता दी जाती है। उसके बाद मरीज का इलाज किया जाता है। मरीज को राहत मिलने पर उसे दवा देकर घर भेज दिया जाता है।
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जिन मरीजों की हालत अधिक खराब होती है। उन्हें भर्ती किया जाता है। यहां गंभीर मरीजों को भी स्ट्रेचर पर लेटकर बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ रहा है। यह मेडिकल कॉलेज में ही नही है। निजी अस्पताल में बेड खाली नहीं मिल रहे हैं।
वायरल बुखार के लक्षण
-शरीर से पसाीना निकलना
-शरीर में दर्द होना
-सर्दी लगकर बुखार आना
-मांशपोशियों में दर्द होना
-थकान व कमजोरी लगना
-भूख न लगना
- डिहाइड्रेशन होना
- जी मचलाना
वायरल बुखार होने पर यह करें
-वायरल बुखार के मरीज को आराम करना चाहिए
-खाने में सूप व तरल व सुपाच्य भोजन करें
-पानी अधिक पिएं
- डॉक्टर से सलाह लें