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परिवार का सहारा था आशिक
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Sun, 24 Jul 2016 12:01 AM IST
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गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पिहानी (हरदोई)। उजागर पुरवा गांव का आशिक परिवार का सहारा था। परिवार के भरण पोषण के लिए वह पिता के साथ खेतों पर काम करने के साथ मजदूरी और सिलाई भी करता था। बड़े बेटे की हत्या से पूरा परिवार सदमे में है। पिता का कहना है कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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उजागर पुरवा गांव निवासी रियासत के पुत्र आशिक (18) की शुक्रवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह घर से सटे जानवर बांधने वाले गोड़े में सो रहा था। वह दो बीघा जमीन पर पिता के साथ खेती करता था। इसके अलावा परिवार की आजीविका के लिए सिलाई और मजदूरी भी करता था। छोटा भाई आसिफ (17) मुरादाबाद में काम करता है जबकि छोटा सहीम (12) घर में ही रहता है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गोड़े में आशिक के साथ ही पिता रियासत और छोटा भाई भी लेटता था। दोनों खाना खाने घर चले गए इसी बीच हत्या हो गई।
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इससे साफ है कि हत्यारा कोई करीबी है, उसे पता था कि गोड़े मेें आशिक अकेला लेटा है। गोड़े के पीछे कंटीली झाड़ियों पर घास पड़ी थी और लकड़ियां टूटी थीं। इससे लगता है कि हत्यारे पीछे की दीवार फांदकर अंदर घुसे। कोतवाल परशुराम सिंह ने बताया कि कई बिंदुओं पर हत्या की जांच की जा रही है। अभी तक कोई तथ्य हाथ नहीं लग सका है। देर रात एएसपी ने भी मौके पर जाकर जायजा लिया था। ग्रामीणोें ने बताया कि डेढ़ दशक से गांव में कई कत्ल हो चुके हैं। पिछले कई कत्ल ठीक वैसे ही हुए जैसे आशिक की हत्या की गई।
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