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गैर इरादतन हत्या में 4 को सजा
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:16 PM IST
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गैर इरादतन हत्या में 4 को सजा
अमर उजाला ब्यूरो।
हरदोई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकरन की अदालत ने सोमवार को गैर इरादतन हत्या के मामले में चार लोगों को छह साल की कैद और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के यासीनपुर निवासी चंद्रप्रकाश ने आरोप लगाया था कि गांव के ही हरिद्वारी ने 22 जनवरी 2000 को नशे में उससे गली गलौज किया। विरोध पर हरिद्वारी, रामदयाल, अनिल कुमार और आनंद ने उसे मारापीटा। बचाने आए उसके पिता प्रताप सिंह को भी मारापीटा। जिसमें आई चोट के कारण प्रताप सिंह की मृत्यु हो गई। अदालत ने चारों आरोपियों को सजा सुनाई है। वहीं इसी घटना के क्रास केस में भी अदालत ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। मनोज कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रताप सिंह के बाग से सार्वजनिक रास्ता निकला है। इसी पर निकलने को लेकर हुए विवाद में 22 जनवरी 2000 को प्रताप सिंह और चंद्र प्रकाश ने उसे मारापीटा था। घटना में उसके चाचा हरिद्वारी भी घायल हुए थे। अदालत ने इस मुकदमे में आरोपी चंद्रप्रकाश को दोषी पाकर मारपीट में तीन साल की कैद और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अमर उजाला ब्यूरो।
हरदोई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकरन की अदालत ने सोमवार को गैर इरादतन हत्या के मामले में चार लोगों को छह साल की कैद और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के यासीनपुर निवासी चंद्रप्रकाश ने आरोप लगाया था कि गांव के ही हरिद्वारी ने 22 जनवरी 2000 को नशे में उससे गली गलौज किया। विरोध पर हरिद्वारी, रामदयाल, अनिल कुमार और आनंद ने उसे मारापीटा। बचाने आए उसके पिता प्रताप सिंह को भी मारापीटा। जिसमें आई चोट के कारण प्रताप सिंह की मृत्यु हो गई। अदालत ने चारों आरोपियों को सजा सुनाई है। वहीं इसी घटना के क्रास केस में भी अदालत ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। मनोज कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रताप सिंह के बाग से सार्वजनिक रास्ता निकला है। इसी पर निकलने को लेकर हुए विवाद में 22 जनवरी 2000 को प्रताप सिंह और चंद्र प्रकाश ने उसे मारापीटा था। घटना में उसके चाचा हरिद्वारी भी घायल हुए थे। अदालत ने इस मुकदमे में आरोपी चंद्रप्रकाश को दोषी पाकर मारपीट में तीन साल की कैद और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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