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युवक की मेडिकल जांच में पेट से निकला कारतूस
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:27 PM IST
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- फोटो : प्रतिकात्मक
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हरदोई। पुरानी रंजिश में दूसरे पक्ष पर फर्जी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए युवक ने गांव के झोलाछाप से पेट में जख्म करवाकर जिंदा कारतूस रखवा लिया। सीएचसी से पट्टी करवाकर रेफर होकर जिला अस्पताल आए युवक के जख्म से यहां पर डॉक्टर को कारतूस मिला। डॉक्टर ने गोली सीलकर मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को भेजी है।
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शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के पिढ़ाता निवासी रामरतन की गांव के ही वीरेश से रंजिश चल रही है। करीब 20 दिन पहले वीरेश की पत्नी ने रामप्रताप (22) के खिलाफ एक मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद 20 जुलाई की देर रात बेटे रामप्रताप को गंभीर हालत में सीएचसी में भर्ती कराया था।
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जहां पर हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने जख्म पर पट्टी बांधकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां पर मेडिकल जांच के दौरान रामप्रताप के पेट में दाहिनी तरफ जख्म मिला। डॉक्टर ने जख्म का कारण पूछा तो रामप्रताप ने गोली लगने की बात कही थी।
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उसने यह भी बताया था कि अभी गोली जख्म में फंसी है। इसके चलते डॉक्टर ने गोली निकालने के लिए सीएचसी पर बांधी गई पट्टी खुलवाई। जैसे ही पट्टी खुली जख्म में फंसी गोली अपने आप बाहर निकल कर नीचे गिर गई। डॉक्टर ने गोली की जांच की तो पिस्टल का कारतूस था। इस पर डॉक्टर ने राम प्रताप पर फर्जी केस दायर कराने के लिए खुद जख्म करने की बात कहते हुए पुलिस से शिकायत की बात कही।
कहानी बिगड़ती देख घायल युवक व उसके परिजनों ने डॉक्टर को उनके मन मुताबिक रिपोर्ट बनाने के लिए लालच भी दिया, लेकिन डॉक्टर ने ऐसी कोई रिपोर्ट लगाने से इनकार कर दिया। डॉक्टर के अनुसार राम प्रताप ने बताया था कि वह दूसरे पक्ष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराना चाहता है। इसके लिए गांव के ही एक झोलाछाप से साठगांठ की थी। झोलाछाप ने ही बारूद से जख्म किया था। इसके बाद गोली लगने की बात पुख्ता करने के लिए उसी ने भूलवश कारतूस रख दिया था।
डॉक्टर के अनुसार गोली सीलकर पुलिस को सौंप दी थी। मेडिकल रिपोर्ट भी भेज दी गई है। रामरतन की तहरीर पर पुलिस ने वीरेश के खिलाफ तहरीर दी थी। बताया था कि पुरानी रंजिश में दूसरे पक्ष के लोगों ने बेटे को जान से मारने की नीयत से जानलेवा हमला किया है। पुलिस ने वीरेश समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। कोतवाल उमाशंकर उत्तम ने बताया कि अभी प्रभार संभाला है। मामले की जांच कर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।