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मनमानी : 50 हजार की सेहत से खिलवाड़, पी रहे दूषित पानी

Sat, 28 Jan 2023 10:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jan 2023 10:41 PM IST
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Arbitrary: Playing with the health of 50 thousand, drinking contaminated water
फोटो-29- पानी की टंकी - फोटो : HARDOI
हरदोई/पिहानी। जिस ओवरहेड टैंक से नगर में रहने वाले लोगों को जलापूर्ति की जा रही है। उसकी सफाई में लापरवाही बरती जा रही है। नियम के तहत हर छह माह में टंकी की सफाई होनी चाहिए लेकिन नहीं हो रही है।
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स्थिति ये है कि टंकी पर सूचना बोर्ड तक नहीं है। ऐसे में यह कब साफ हुई और अगली सफाई की तिथि क्या नियत है। इसकी जानकारी भी लोगों को नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं।
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हम बात कर रहे हैं, कस्बे के कोटकलां में जलापूर्ति करने के लिए एक मात्र पानी की टंकी की। पालिका के आंकड़ों में इसकी सफाई अप्रैल 2022 में हुई थी। इसके बाद से टंकी की सफाई नहीं हुई है।
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ऐसे में नगर की करीब 50 हजार लोग यह दूषित पानी पीने को विवश हैं। इस टंकी की क्षमता 1500 किलोलीटर है। इससे एक हजार पानी के कनेक्शन हैं, जबकि तकरीबन 300 स्टैंड पोस्ट हैं। इससे लोगों में जहां संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना है, वहीं जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।
नगर पालिका के जलकल प्रभारी अश्विनी वाजपेयी ने बताया कि अप्रैल 2022 में पानी टंकी की सफाई कराई गई थी। अब अप्रैल 23 में इसकी सफाई कराई जाएगी।
ये हैं नियम
हर छह माह में टैंक की सफाई होनी चाहिए। मेंटेनस निरीक्षण का भी प्रावधान है। टंकी पर सफाई की तारीख, अगली सफाई की तिथि दर्ज होनी चाहिए लेकिन टैंक पर यह सूचना बोर्ड नहीं है।
ऐसे होनी चाहिए सफाई
ब्लीचिंग पाउडर से सफाई मोटे कपड़ों के माध्यम से की जानी चाहिए, ताकि गाद, कीटाणु व अन्य गंदगी अच्छी तरह से साफ हो जए। टैंक सूखने के बाद पानी की सप्लाई होनी चाहिए। इस काम में कम से कम 20 से 30 लोगों की टीम लगती है। सामान्य तौर से इस काम को करने में पांच से छह घंटे का समय भी लगता है।

ये होतीं बीमारियां
जिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ. आरके मिश्र का कहना है कि दूषित पानी पीने से लोगों में डायरिया, आव या फिर पेचिस, पीलिया, टायफाइड, पेट में कीड़े, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियां होती हैं।
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