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उपनिदेशक मंडी निर्माण का वेतन रोका
हरदाेई
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:48 PM IST
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टेंडर प्रक्रिया में मनमानी करना मंडी परिषद की निर्माण इकाई के उपनिदेशक को भारी पड़ गया है। जिलाधिकारी ने उपनिदेशक का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। विभागीय प्रमुख सचिव से उपनिदेशक के विरुद्ध कार्रवाई करने की संस्तुति कर पत्र भी भेजा है।
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मंडी परिषद की निर्माण इकाई ने गत दिनों 4 करोड़ रुपये की तीन निविदाएं आमंत्रित की थीं। निर्माण कार्यों से जुड़ी इन निविदाओं को ऑनलाइन मांगा गया था। 24 जनवरी को ये निविदाएं खोली जानी थीं। मंडी परिषद की निर्माण इकाई के उपनिदेशक ने दो निविदाएं तो खोल दीं लेकिन दो करोड़ रुपये से अधिक की एक निविदा नहीं खोली। उन्होंने तर्क दिया कि हार्डकापी में सिर्फ एक ही निविदा आई है, इसलिए ऐसा किया गया। जबकि वास्तविकता ये है कि ऑनलाइन तीन से अधिक निविदाएं होने पर निविदा ऑनलाइन ही खोले जाने के निर्देश हैं। लेकिन चहेते की सेटिंग न हो पाने के कारण उपनिदेशक ने निविदा खोलने से इनकार कर दोबारा टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया आनन-फानन ही शुरू कर दी थी। अमर उजाला ने इस पूरे खेल का खुलासा 25 जनवरी के अंक में किया। इसको संज्ञान में लेकर डीएम पुलकित खरे ने उपनिदेशक से स्पष्टीकरण तलब किया। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि उपनिदेशक का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है और गैर जिम्मेदाराना भी है। इसके कारण कार्रवाई की गई है। विस्तृत जांच पूरी होने तक निविदा प्रक्रिया स्थगित रहेगी।
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