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'मुझसे बुरा कोई नहीं होगा': गोहत्या, धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी; क्या कहा?
Fri, 09 Oct 2026 12:00 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, मालदा (पश्चिम बंगाल)।
पीटीआई, मालदा (पश्चिम बंगाल)।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:00 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कथित गोहत्या और धर्म परिवर्तन के साथ 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' को लेकर सख्त रुख दिखाया। उन्होंने अपने कार्यकाल में ऐसी घटनाको लेकर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और सीमा सुरक्षा से लेकर सीएए तक कई मुद्दों पर बात की। शुभेंदु अधिकारी ने क्या कुछ कहा? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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सीएम शुभेंदु
- फोटो : एएनआई/अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को राज्य में गोहत्या और धर्म परिवर्तन के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो उनसे ज्यादा सख्त कोई नहीं होगा। उन्होंने कथित 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' को रोकने का भी संकल्प लिया।
मुस्लिम बहुल मालदा में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने यह बात कही। मालदा जिले की सीमा बांग्लादेश से लगती है। अधिकारी ने कहा कि 2023 में कालियाचक-1 ब्लॉक में धर्म परिवर्तन की आखिरी ऐसी कथित घटना थी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में मोथाबाड़ी और कालियाचक में हुई सांप्रदायिक हिंसा दोबारा नहीं होगी।
उन्होंने कहा, क्या आप मालदा में धर्म परिवर्तन रोकेंगे? जिले के कालियाचक-1 ब्लॉक में ऐसी एक घटना दर्ज हुई थी। वह आखिरी थी। अगर मेरे कार्यकाल में ऐसी कोई घटना होती है, तो मुझसे ज्यादा बुरा कोई नहीं मिलेगा।
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उन्होंने आगे कहा, अगर यह दोबारा होता है, तो मुझसे ज्यादा बुरा कोई नहीं होगा। मैं आपसे कह रहा हूं कि अब कहीं भी धर्म परिवर्तन नहीं होना चाहिए। जब तक मैं जिंदा हूं, मैं मोथाबाड़ी और कालियाचक की घटनाएं दोबारा नहीं होने दूंगा। 2023 में मालदा जिले के मोथाबाड़ी में दो भाइयों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में एक मामला दर्ज किया गया था।
जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हिंदुओं को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धर्म परिवर्तन और सीमा सुरक्षा के मुद्दों पर सख्त रुख अपनाएगी।
'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' पर क्या कहा?
अधिकारी ने कहा, हम कहीं भी धर्म परिवर्तन बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम लव-जिहाद और लैंड-जिहाद को रोकेंगे। हमने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन सौंप दी है। हम एक भी मक्खी को अंदर नहीं घुसने देंगे।
राज्य सरकार ने मई में बीएसएफ को 142.79 एकड़ जमीन दी थी। इस जमीन पर कई जिलों में कांटेदार तार की बाड़ और सीमा चौकियां बनाई जानी हैं। इनमें मालदा भी शामिल है।
धर्म परिवर्तन और 'लैंड जिहाद' पर अधिकारी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भाजपा सरकार सीमा सुरक्षा पर जोर दे रही है। भाजपा सीमा से लगे जिलों में कथित अवैध घुसपैठ और आबादी में बदलाव को लेकर भी राजनीतिक अभियान चला रही है।
अधिकारी ने गोहत्या के खिलाफ भी चेतावनी दी। उन्होंने लोगों से पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण कानून, 1950 का सख्ती से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा, हम पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण कानून, 1950 लागू करेंगे। किसी को गौमाता के खिलाफ हाथ नहीं उठाना चाहिए। किसी को 'गौ माता' को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। मैं यह साफ कर रहा हूं।
सीएए पर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?
गोहत्या पर उनकी टिप्पणी से उनके भाषण में सांस्कृतिक और धार्मिक पहलू भी जुड़ गया। उनका भाषण मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा, नागरिकता और सामाजिक सुधार पर केंद्रित था। नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए पर अधिकारी ने कहा कि अब आवेदकों को नागरिकता प्रमाणपत्र के लिए दूसरे लोगों के पास नहीं जाना पड़ेगा। केंद्र ने राज्य को सुनवाई करने और प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार दिया है।
उन्होंने कहा, हम सुनवाई करेंगे और प्रमाणपत्र देंगे। जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्दी आवेदन करना चाहिए। जिन लोगों को पहले ही प्रमाणपत्र मिल चुका है, उन्हें मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इनमें से जो लोग अनुसूचित जाति से हैं, उन्हें जाति प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
ये भी पढ़ें: एनसीसी: आसमान में बेटियों की उड़ान, गुवाहाटी में पहली बार चार राज्यों की 30 महिला कैडेट का पैरामोटर प्रशिक्षण
सीएए उन गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता पाने का रास्ता देता है, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए थे। इसके लिए 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में प्रवेश करने की शर्त है। पश्चिम बंगाल में सीएए लंबे समय से राजनीतिक रूप से विवादित मुद्दा रहा है। खासकर बांग्लादेश से लगते जिलों में यह मुद्दा अहम है।
नशामुक्ति और बाल विवाह पर क्या कहा?
उन्होंने मालदा में सामाजिक सुधार के बड़े एजेंडे की भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य जिले को नशामुक्त बनाने के लिए काम करेगा। बाल विवाह रोकने के लिए भी काम किया जाएगा। छात्रों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, जो लोग स्कूलों और मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले पूरा वंदे मातरम गाते हैं, वे मेरे दोस्त होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों की मदद के लिए किसान विकास बोर्ड बनाने की भी घोषणा की।
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मुस्लिम बहुल मालदा में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने यह बात कही। मालदा जिले की सीमा बांग्लादेश से लगती है। अधिकारी ने कहा कि 2023 में कालियाचक-1 ब्लॉक में धर्म परिवर्तन की आखिरी ऐसी कथित घटना थी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में मोथाबाड़ी और कालियाचक में हुई सांप्रदायिक हिंसा दोबारा नहीं होगी।
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उन्होंने कहा, क्या आप मालदा में धर्म परिवर्तन रोकेंगे? जिले के कालियाचक-1 ब्लॉक में ऐसी एक घटना दर्ज हुई थी। वह आखिरी थी। अगर मेरे कार्यकाल में ऐसी कोई घटना होती है, तो मुझसे ज्यादा बुरा कोई नहीं मिलेगा।
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उन्होंने आगे कहा, अगर यह दोबारा होता है, तो मुझसे ज्यादा बुरा कोई नहीं होगा। मैं आपसे कह रहा हूं कि अब कहीं भी धर्म परिवर्तन नहीं होना चाहिए। जब तक मैं जिंदा हूं, मैं मोथाबाड़ी और कालियाचक की घटनाएं दोबारा नहीं होने दूंगा। 2023 में मालदा जिले के मोथाबाड़ी में दो भाइयों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में एक मामला दर्ज किया गया था।
जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हिंदुओं को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धर्म परिवर्तन और सीमा सुरक्षा के मुद्दों पर सख्त रुख अपनाएगी।
'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' पर क्या कहा?
अधिकारी ने कहा, हम कहीं भी धर्म परिवर्तन बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम लव-जिहाद और लैंड-जिहाद को रोकेंगे। हमने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन सौंप दी है। हम एक भी मक्खी को अंदर नहीं घुसने देंगे।
राज्य सरकार ने मई में बीएसएफ को 142.79 एकड़ जमीन दी थी। इस जमीन पर कई जिलों में कांटेदार तार की बाड़ और सीमा चौकियां बनाई जानी हैं। इनमें मालदा भी शामिल है।
धर्म परिवर्तन और 'लैंड जिहाद' पर अधिकारी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भाजपा सरकार सीमा सुरक्षा पर जोर दे रही है। भाजपा सीमा से लगे जिलों में कथित अवैध घुसपैठ और आबादी में बदलाव को लेकर भी राजनीतिक अभियान चला रही है।
अधिकारी ने गोहत्या के खिलाफ भी चेतावनी दी। उन्होंने लोगों से पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण कानून, 1950 का सख्ती से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा, हम पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण कानून, 1950 लागू करेंगे। किसी को गौमाता के खिलाफ हाथ नहीं उठाना चाहिए। किसी को 'गौ माता' को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। मैं यह साफ कर रहा हूं।
सीएए पर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?
गोहत्या पर उनकी टिप्पणी से उनके भाषण में सांस्कृतिक और धार्मिक पहलू भी जुड़ गया। उनका भाषण मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा, नागरिकता और सामाजिक सुधार पर केंद्रित था। नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए पर अधिकारी ने कहा कि अब आवेदकों को नागरिकता प्रमाणपत्र के लिए दूसरे लोगों के पास नहीं जाना पड़ेगा। केंद्र ने राज्य को सुनवाई करने और प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार दिया है।
उन्होंने कहा, हम सुनवाई करेंगे और प्रमाणपत्र देंगे। जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्दी आवेदन करना चाहिए। जिन लोगों को पहले ही प्रमाणपत्र मिल चुका है, उन्हें मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इनमें से जो लोग अनुसूचित जाति से हैं, उन्हें जाति प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
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सीएए उन गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता पाने का रास्ता देता है, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए थे। इसके लिए 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में प्रवेश करने की शर्त है। पश्चिम बंगाल में सीएए लंबे समय से राजनीतिक रूप से विवादित मुद्दा रहा है। खासकर बांग्लादेश से लगते जिलों में यह मुद्दा अहम है।
नशामुक्ति और बाल विवाह पर क्या कहा?
उन्होंने मालदा में सामाजिक सुधार के बड़े एजेंडे की भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य जिले को नशामुक्त बनाने के लिए काम करेगा। बाल विवाह रोकने के लिए भी काम किया जाएगा। छात्रों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, जो लोग स्कूलों और मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले पूरा वंदे मातरम गाते हैं, वे मेरे दोस्त होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों की मदद के लिए किसान विकास बोर्ड बनाने की भी घोषणा की।