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Hardoi News: साल-2003 की सूची में मिले 9.99 लाख मतदाता, सेल्फ मैपिंग श्रेणी में आए
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फोटो 26: प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी। संवाद
हरदोई। विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान 30,19,415 मतदाताओं में से 9,99,411 मतदाताओं ने साल-2003 के चुनाव में भी मताधिकार किया था। उन मतदाताओं की सेल्फ मैपिंग हो गई है। जो कुल मतदाताओं के 33 प्रतिशत हैं। जबकि 9,81,091 मतदाताओं की मैपिंग में उनकी मां-पिता के नाम सहायक बने हैं। ऐसे में करीब 19,80,502 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो गई है।
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के चल रहे एसआईआर अभियान में एक-एक मतदाता का सत्यापन किया जा रहा है। जिसमें मतदाताओं से ही एसआईआर फार्म भरवाए जा रहे हैं। वैसे तो जिले में एसआईआर अभियान का काम 99 प्रतिशत से अधिक हो गया है। अभियान में लगे अधिकारी-कर्मचारी बचे मतदाताओं में से एक-एक मतदाता को तलाश रहे हैं। जिसमें अधिकारियों-कर्मचारियों को समय भी लग रहा है। मृतक, शिफ्टेड और गैरहाजिरी करीब 5,43,086 मतदाता चिह्नित हुए हैं। उन मतदाताओं को जोड़ते हुए करीब 25,23,588 मतदाताओं की स्थिति प्रशासन के सामने आ गई है, जबकि 4,72,183 मतदाताओं के नाम और रिश्तेदारों के नाम साल-2003 की मतदाता सूची में नहीं मिले हैं। उन मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा।
वहीं भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर फार्म को डिजिटाइज्ड कराने के साथ ही मैपिंग कराने की व्यवस्था दी है। मतदाताओं की मैपिंग के लिए एसआईआर में दो विकल्प दिए गए हैं। एक सेल्फ और दूसरा मां-पिता के नाम से मैपिंग कराई जा सकती है।
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बताया गया कि साल-2003 की मतदाता सूची को मैपिंग के लिए आधार बनाया गया है। एसआईआर अभियान में साल-2025 की मतदाता सूची में शामिल नामों में से साल-2003 की मतदाता सूची में करीब 9,99,411 नाम मिल गए हैं। उन मतदाताओं की सेल्फ श्रेणी में मैपिंग हो गई है। जबकि 9,81,091 मतदाताओं ने मैपिंग के लिए मां-पिता के नाम का सहारा लिया है। उनका भी विवरण साल-2003 की सूची में मिलने से मैपिंग हो गई है।
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विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची का एसआईआर अभियान में करीब-करीब पूरा होने को है। मैपिंग के साथ ही बचे मतदाताओं की तलाश करवाकर उनके भी फार्म भी भरवाए जा रहे हैं, ताकि मताधिकार से वंचित होने से बचाया जा सके। -प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, उप निर्वाचन अधिकारी
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विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के चल रहे एसआईआर अभियान में एक-एक मतदाता का सत्यापन किया जा रहा है। जिसमें मतदाताओं से ही एसआईआर फार्म भरवाए जा रहे हैं। वैसे तो जिले में एसआईआर अभियान का काम 99 प्रतिशत से अधिक हो गया है। अभियान में लगे अधिकारी-कर्मचारी बचे मतदाताओं में से एक-एक मतदाता को तलाश रहे हैं। जिसमें अधिकारियों-कर्मचारियों को समय भी लग रहा है। मृतक, शिफ्टेड और गैरहाजिरी करीब 5,43,086 मतदाता चिह्नित हुए हैं। उन मतदाताओं को जोड़ते हुए करीब 25,23,588 मतदाताओं की स्थिति प्रशासन के सामने आ गई है, जबकि 4,72,183 मतदाताओं के नाम और रिश्तेदारों के नाम साल-2003 की मतदाता सूची में नहीं मिले हैं। उन मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा।
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वहीं भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर फार्म को डिजिटाइज्ड कराने के साथ ही मैपिंग कराने की व्यवस्था दी है। मतदाताओं की मैपिंग के लिए एसआईआर में दो विकल्प दिए गए हैं। एक सेल्फ और दूसरा मां-पिता के नाम से मैपिंग कराई जा सकती है।
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बताया गया कि साल-2003 की मतदाता सूची को मैपिंग के लिए आधार बनाया गया है। एसआईआर अभियान में साल-2025 की मतदाता सूची में शामिल नामों में से साल-2003 की मतदाता सूची में करीब 9,99,411 नाम मिल गए हैं। उन मतदाताओं की सेल्फ श्रेणी में मैपिंग हो गई है। जबकि 9,81,091 मतदाताओं ने मैपिंग के लिए मां-पिता के नाम का सहारा लिया है। उनका भी विवरण साल-2003 की सूची में मिलने से मैपिंग हो गई है।
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची का एसआईआर अभियान में करीब-करीब पूरा होने को है। मैपिंग के साथ ही बचे मतदाताओं की तलाश करवाकर उनके भी फार्म भी भरवाए जा रहे हैं, ताकि मताधिकार से वंचित होने से बचाया जा सके। -प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, उप निर्वाचन अधिकारी