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बढ़ रहा स्वाइन फ्लू : आइसोलेशन वार्ड में सन्नाटा, बाहर इलाज करा रहे मरीज

Thu, 10 Sep 2026 10:43 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 10:43 PM IST
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Swine flu on the rise: Silence in the isolation ward, patients undergoing treatment outside.
हरदोई। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां धरातल पर कमजोर नजर आ रही हैं। मेडिकल कॉलेज में संक्रमण की आशंका को देखते हुए 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया लेकिन वार्ड में सन्नाटा पसरा हुआ है। बेहतर जांच और उपचार की सुविधा के लिए स्वाइन फ्लू के मरीज निजी अस्पतालों या दूसरे जिलों में इलाज कराने को मजबूर हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जिले में भी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। हालांकि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की जांच की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में शुरू कर दी गई है लेकिन अभी तक लिए गए नमूनों में कोई मरीज संक्रमित नहीं आया है। वहीं दूसरी ओर दूसरे जिले और निजी लैबों में जो लोग जांच करा रहे हैं वहां से मरीज पॉजिटिव मिले हैं और उनका बाहरी जनपदों के अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। वैसे तो संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते हुए उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिया गया लेकिन यहां अभी तक एक भी न मरीज भर्ती हुआ है न ही उपचार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो रही है।
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मेडिकल कॉलेज की ओर से आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है इसके अलावा जनपद के सौ शैया चिकित्सालय और 22 सीएचसी में किसी पर भी आइसोलेशन वार्ड तक नहीं बना है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अस्पताल में आने वाले मरीजों को समय पर जांच और समुचित उपचार की व्यवस्था न होना बड़े सवाल खड़े कर रही है।
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रोज लिए जा रहे संदिग्ध मरीजों के नमूने
मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के स्वाब के नमूने रोज लिए जा रहे हैं। बुधवार को 21 मरीजों के नमूने लिए गए थे। वहीं बृहस्पतिवार को भी 24 मरीजों का स्वाब लेकर गौरा डांडा स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच के लिए भेजे गए हैं। हालांकि मेडिकल कॉलेज में लिए गए नमूनों में फिलहाल अभी तक कोई मरीज पॉजिटिव नहीं आया है।


बुखार से पीड़ितों की भी बढ़ रही संख्या
जिले में बुखार से पीड़ितों की भी संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। इनमें सबसे अधिक मरीज टाइफाइड के मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी करीब 450 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें टाइफाइड की जांच के लिए 180, मलेरिया के 145 और डेंगू के 65 मरीजों की जांच की गई।


मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड है। दवाओं की व्यवस्था भी है। स्वाइन फ्लू की जांच भी हो रही है। यदि कोई मरीज पाॅजिटिव आता है तो उसका उपचार किया जाएगा। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य
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