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Hapur News: होली पर कई घरों में नहीं होगी रौनक, सताती रहेगी अपनों की खैरियत की चिंता
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तेल अवीव में फंसे हरोड़ा निवासी अरुण । स्रोत परिजन
हापुड़ /सिंभावली। इस साल होली पर कुछ घरों की रौनक गायब रहेगी। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच गढ़ के कुछ युवा वहां फंसे हुए हैं। ऐसे में इन परिवारों पर होली के उल्लास से ज्यादा अपनों की चिंता सताएगी। इस्राइल गए श्रमिकों में सिंभावली क्षेत्र के गांव हरौड़ा निवासी अरुण पुत्र तेजवीर भी शामिल हैं। वह इस्राइल के तेल अवीव शहर में फंसे हैं और बंकर में समय गुजार रहे हैं।
अरुण के पिता ने बताया कि अरुण को करीब दो वर्ष पूर्व भारत सरकार की योजना के तहत इस्राइल भेजा गया था। वह तेल अवीव स्थित वाईआर कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत हैं। युद्ध की वजह से वह अन्य भारतीय श्रमिकों के साथ सुरक्षा बंकरों में रह रहे हैं। लगातार सायरन और हमले की आशंका के बीच सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। परिजनों ने बताया कि इस बार अरुण होली पर घर लौटने वाले थे, लेकिन अचानक बिगड़े हालात से नहीं आ सकेंगे।
परिवार के लोग फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क बनाए हुए हैं। उनकी सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गढ़, सिंभावली, बहादुरगढ़ और आसपास के दर्जनों युवक रोजगार के सिलसिले में दुबई, इस्राइल समेत अन्य खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। युद्ध की खबरों के बाद से उनके परिवारों में डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने केंद्र सरकार से विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है।
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वहीं, गांव में मंदिरों और घरों में प्रवासी युवकों की कुशलता के लिए विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं। वहीं, मुस्लिम परिवार अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए और युद्ध खत्म होने के लिए रोजे रखकर दुआ कर रहे हैं।
उधर, बुलंदशहर रोड के मोहल्ला मजीदपुरा निवासी इमरान भी बहरीन में हैं, वे वहां एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने परिजनों को फोन कर बताया कि सोमवार को ईरान ने बहरीन स्थित अमरीकी बेस पर हमला किया था। इमरान के परिजनों ने बताया कि वह वहां से कुछ ही दूर मौजूद थे, ऐसे में तेज धमाके की आवाज से आसपास का क्षेत्र भी दहल उठा, जिससे के लोग दहशत में हैं।
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अरुण के पिता ने बताया कि अरुण को करीब दो वर्ष पूर्व भारत सरकार की योजना के तहत इस्राइल भेजा गया था। वह तेल अवीव स्थित वाईआर कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत हैं। युद्ध की वजह से वह अन्य भारतीय श्रमिकों के साथ सुरक्षा बंकरों में रह रहे हैं। लगातार सायरन और हमले की आशंका के बीच सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। परिजनों ने बताया कि इस बार अरुण होली पर घर लौटने वाले थे, लेकिन अचानक बिगड़े हालात से नहीं आ सकेंगे।
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परिवार के लोग फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क बनाए हुए हैं। उनकी सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गढ़, सिंभावली, बहादुरगढ़ और आसपास के दर्जनों युवक रोजगार के सिलसिले में दुबई, इस्राइल समेत अन्य खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। युद्ध की खबरों के बाद से उनके परिवारों में डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने केंद्र सरकार से विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है।
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वहीं, गांव में मंदिरों और घरों में प्रवासी युवकों की कुशलता के लिए विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं। वहीं, मुस्लिम परिवार अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए और युद्ध खत्म होने के लिए रोजे रखकर दुआ कर रहे हैं।
उधर, बुलंदशहर रोड के मोहल्ला मजीदपुरा निवासी इमरान भी बहरीन में हैं, वे वहां एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने परिजनों को फोन कर बताया कि सोमवार को ईरान ने बहरीन स्थित अमरीकी बेस पर हमला किया था। इमरान के परिजनों ने बताया कि वह वहां से कुछ ही दूर मौजूद थे, ऐसे में तेज धमाके की आवाज से आसपास का क्षेत्र भी दहल उठा, जिससे के लोग दहशत में हैं।

तेल अवीव में फंसे हरोड़ा निवासी अरुण । स्रोत परिजन