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Hapur News: हापुड़ को मिलेंगे दो औद्योगिक बिजलीघर दस उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी
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प्रीत विहार स्थित बिजलीघर।संवाद
हापुड़। जिले को दो औद्योगिक बिजलीघर मिलने जा रहे हैं। साथ ही ओवरलोडिंग को खत्म करने के लिए 100 से 250केवी क्षमता के 200 नए ट्रांसफार्मर और दस बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि की भी तैयारी है। बिजनेस प्लान फेज-2 में करीब 45 करोड़ के कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन्हें मंजूरी मिलने के साथ ही कार्य शुरू होंगे।
विभागीय योजना के अनुसार मोदीनगर रोड और जिंदल नगर में औद्योगिक क्षेत्र का लगातार विस्तार हो रहा है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से यहां बिजलीघर बनाने की योजना तैयार की गई है। इन बिजलीघरों के बनने से औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर उद्योगों में बढ़ते बिजली के भार को संभालने और आपूर्ति में सुधार करने में मदद मिलेगी। इससे पहले 23 करोड़ के बिजनेस प्लान फेज-1 में बाबूगढ़ में बिजलीघर स्वीकृत हुआ है।
दस उपकेंद्रों की बढ़ेगी क्षमता
जिले में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए दस उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की योजना बनाई गई है। इसमें प्रीत विहार, आनंद विहार, अतरपुरा, धीरखेड़ा, पटना मुरादपुर समेेत गढ़ और पिलखुवा के दस बिजलीघर शामिल हैं, इनकी क्षमता पांच से दस एमवीए तक बढ़ाई जाएगी। यह प्रस्ताव भी भेजा गया है।
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200 से अधिक ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी
ऊर्जा निगम की योजना में 100 से 250 केवीए क्षमता के 200 से अधिक नए ट्रांसफार्मर लगाना भी शामिल है। इन ट्रांसफार्मरों को उन क्षेत्रों में लगाया जाएगा, जहां अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार गर्म होते हैं या बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इससे स्थानीय स्तर पर बिजली वितरण व्यवस्था बेहतर होने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
राजस्व के लिहाज से हापुड़ की अहम भूमिका
ऊर्जा निगम संबंधित जोन में शामिल सभी जिलों के कुल राजस्व में हापुड़ की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत बताई जा रही है। इसी को देखते हुए इस बार बिजनेस प्लान में जिले को अधिक बजट मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
बिजनेस प्लान में ये हैं प्रमुख प्रस्ताव
कुल प्रस्तावित बजट : करीब 45 करोड़ रुपये
नए औद्योगिक बिजलीघर : दो
प्रस्तावित स्थान : मोदीनगर रोड और जिंदल नगर, पिलखुवा
बिजलीघरों की अनुमानित लागत : करीब 25 करोड़ रुपये
क्षमता वृद्धि : दस उपकेंद्र
नए ट्रांसफार्मर : 200 से अधिक
ट्रांसफार्मरों की क्षमता : 100 से 250 केवीए
हापुड़ की राजस्व हिस्सेदारी : संबंधित जोन के कुल राजस्व का करीब 45 प्रतिशत
कोट
औद्योगिक क्षेत्रों और शहर, देहात अंचल में निर्बाध आपूर्ति देना प्राथमिकता है। इसके लिए बिजनेस प्लान का फेज-2 तैयार किया गया है। इस प्लान में दो बिजलीघरों समेत कई बड़े कार्य शामिल हैं। - सुभाष चंद्र, अधीक्षण अभियंता
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विभागीय योजना के अनुसार मोदीनगर रोड और जिंदल नगर में औद्योगिक क्षेत्र का लगातार विस्तार हो रहा है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से यहां बिजलीघर बनाने की योजना तैयार की गई है। इन बिजलीघरों के बनने से औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर उद्योगों में बढ़ते बिजली के भार को संभालने और आपूर्ति में सुधार करने में मदद मिलेगी। इससे पहले 23 करोड़ के बिजनेस प्लान फेज-1 में बाबूगढ़ में बिजलीघर स्वीकृत हुआ है।
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दस उपकेंद्रों की बढ़ेगी क्षमता
जिले में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए दस उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की योजना बनाई गई है। इसमें प्रीत विहार, आनंद विहार, अतरपुरा, धीरखेड़ा, पटना मुरादपुर समेेत गढ़ और पिलखुवा के दस बिजलीघर शामिल हैं, इनकी क्षमता पांच से दस एमवीए तक बढ़ाई जाएगी। यह प्रस्ताव भी भेजा गया है।
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200 से अधिक ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी
ऊर्जा निगम की योजना में 100 से 250 केवीए क्षमता के 200 से अधिक नए ट्रांसफार्मर लगाना भी शामिल है। इन ट्रांसफार्मरों को उन क्षेत्रों में लगाया जाएगा, जहां अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार गर्म होते हैं या बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इससे स्थानीय स्तर पर बिजली वितरण व्यवस्था बेहतर होने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
राजस्व के लिहाज से हापुड़ की अहम भूमिका
ऊर्जा निगम संबंधित जोन में शामिल सभी जिलों के कुल राजस्व में हापुड़ की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत बताई जा रही है। इसी को देखते हुए इस बार बिजनेस प्लान में जिले को अधिक बजट मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
बिजनेस प्लान में ये हैं प्रमुख प्रस्ताव
कुल प्रस्तावित बजट : करीब 45 करोड़ रुपये
नए औद्योगिक बिजलीघर : दो
प्रस्तावित स्थान : मोदीनगर रोड और जिंदल नगर, पिलखुवा
बिजलीघरों की अनुमानित लागत : करीब 25 करोड़ रुपये
क्षमता वृद्धि : दस उपकेंद्र
नए ट्रांसफार्मर : 200 से अधिक
ट्रांसफार्मरों की क्षमता : 100 से 250 केवीए
हापुड़ की राजस्व हिस्सेदारी : संबंधित जोन के कुल राजस्व का करीब 45 प्रतिशत
कोट
औद्योगिक क्षेत्रों और शहर, देहात अंचल में निर्बाध आपूर्ति देना प्राथमिकता है। इसके लिए बिजनेस प्लान का फेज-2 तैयार किया गया है। इस प्लान में दो बिजलीघरों समेत कई बड़े कार्य शामिल हैं। - सुभाष चंद्र, अधीक्षण अभियंता