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युवक की संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से मौत
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विलाप करते मृतक के परिजन।
- फोटो : PILAKHWA
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युवक की संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से मौत
पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के दहपा गांव में हत्या के मामले में पैरोल पर बाहर आए एक युवक की बृहस्पतिवार को संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की छाती में एक गोली लगी हैं, लेकिन मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हो सका। वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताई लेकिन पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है। हालांकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव दहपा निवासी समय सिंह का 32 वर्षीय पुत्र निर्दोष दिल्ली निवासी एक महिला की हत्या के आरोप में पिछले करीब दस साल से तिहाड़ जेल में बंद था। गत वर्ष कोरोना महामारी में लॉक़डाउन के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पैरोल पर बाहर आया था। लगभग नौ माह से वह जेल से बाहर चल रहा था। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार को उसकी उसकी पैरोल अवधि समाप्त हो रही थी तथा बृहस्पतिवार को उसे दोबारा जेल जाना था। मृतक के भाई मिथुन ने बताया कि निर्दोष दोपहर घर से पशु का चारा काटने के लिए कहकर घेर में गया था। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने घेर में खून से लहूलुहान शव देखकर परिजनों को सूचना दी। सूचना पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। मृतक निर्दोष की छाती पर एक गोली लगने का निशान मिला। ग्रामीणों ने अनुसार मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। परिजनों ने निर्दोष की गोली मारकर हत्या किए जाने की आशंका जताई। वहीं पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने गोली चलने की आवाज भी नहीं सुनी। सूचना पर मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक निर्दोष पिछले करीब दस साल से दिल्ली में एक महिला की हत्या के आरोप में तिहाड़ जेल में था, करीब नौ माह पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पैरोल पर बाहर आया था। बृहस्पतिवार को उसे दोबारा से जेल जाना था। उसने स्वयं तमंचे से गाली मारकर आत्महत्या कर ली। हांलाकि मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हो सका हैं। मामले की जांच की जा रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल जाएगा।
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दहपा निवासी समय सिंह के तीन पुत्र थे। सबसे बड़ा बेटा हिम्मत सिंह अध्यापक है, दूसरा पुत्र मृतक निर्दोष था तथा तीसा पुत्र मिथुन प्राइवेट जॉब करता हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्दोष बहुत ही शांत और अच्छे विचारों का था, वह आत्महत्या करने वाला नहीं था। गांव में किसी भी व्यक्ति से इनका कभी विवाद तक नहीं हुआ हैं।
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पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के दहपा गांव में हत्या के मामले में पैरोल पर बाहर आए एक युवक की बृहस्पतिवार को संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की छाती में एक गोली लगी हैं, लेकिन मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हो सका। वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताई लेकिन पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है। हालांकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव दहपा निवासी समय सिंह का 32 वर्षीय पुत्र निर्दोष दिल्ली निवासी एक महिला की हत्या के आरोप में पिछले करीब दस साल से तिहाड़ जेल में बंद था। गत वर्ष कोरोना महामारी में लॉक़डाउन के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पैरोल पर बाहर आया था। लगभग नौ माह से वह जेल से बाहर चल रहा था। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार को उसकी उसकी पैरोल अवधि समाप्त हो रही थी तथा बृहस्पतिवार को उसे दोबारा जेल जाना था। मृतक के भाई मिथुन ने बताया कि निर्दोष दोपहर घर से पशु का चारा काटने के लिए कहकर घेर में गया था। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने घेर में खून से लहूलुहान शव देखकर परिजनों को सूचना दी। सूचना पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। मृतक निर्दोष की छाती पर एक गोली लगने का निशान मिला। ग्रामीणों ने अनुसार मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। परिजनों ने निर्दोष की गोली मारकर हत्या किए जाने की आशंका जताई। वहीं पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने गोली चलने की आवाज भी नहीं सुनी। सूचना पर मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक निर्दोष पिछले करीब दस साल से दिल्ली में एक महिला की हत्या के आरोप में तिहाड़ जेल में था, करीब नौ माह पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पैरोल पर बाहर आया था। बृहस्पतिवार को उसे दोबारा से जेल जाना था। उसने स्वयं तमंचे से गाली मारकर आत्महत्या कर ली। हांलाकि मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हो सका हैं। मामले की जांच की जा रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल जाएगा।
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दहपा निवासी समय सिंह के तीन पुत्र थे। सबसे बड़ा बेटा हिम्मत सिंह अध्यापक है, दूसरा पुत्र मृतक निर्दोष था तथा तीसा पुत्र मिथुन प्राइवेट जॉब करता हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्दोष बहुत ही शांत और अच्छे विचारों का था, वह आत्महत्या करने वाला नहीं था। गांव में किसी भी व्यक्ति से इनका कभी विवाद तक नहीं हुआ हैं।