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खाद्य सामग्री लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे रसूलपुर के किसान
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हापुड़ से किसान आंदोलन में जाते किसान।
- फोटो : HAPUR
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खाद्य सामग्री लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे रसूलपुर के किसान
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को गांव रसूलपुर के किसान खाद्य सामग्री लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। किसान अपने साथ सात क्विंटल दूध, मावा, प्याज, सब्जी, आटा, अदरक आदि लेकर पहुंचे। ततारपुर बाईपास पर रुककर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, इस दौरान भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा। किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष धनवीर शास्त्री के नेतृत्व में रसूलपुर के किसान गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि कानूनों के जरिये किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है। किसानों को सबसे अधिक परेशानी एमएसपी पर फसलों की खरीद का न होना है, यदि सरकार इस पर कानून बना दे तो किसानों की बड़ी समस्याएं हल हो जाएंगी और उन्हें फसलों का वाजिब दाम मिल सकेगा।
देशभर के किसान करीब ढाई महीने से दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार को इसकी तनिक चिंता नहीं है। लोकतंत्र में सरकार हठधर्मिता दिखा रही है, इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा। रसूलपुर के किसानों ने आंदोलनकारियों के लिए सात क्विंटल दूध, एक बोरी अदरक, पांच कट्टा प्याज, पांच कट्टा चीनी आदि गाजीपुर बॉर्डर भेजे।
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गाजीपुर बॉर्डर जाने वालों में जतिन चौधरी, चौधरी समरपाल सिंह, कंवरपाल सिंह, हुकुम सिंह, सुदेश, सूरजमल, प्रताप सिंह, इंद्रराज सिंह, गोलू, संदीप, आनंद, ओंमपाल, राम सिंह आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को गांव रसूलपुर के किसान खाद्य सामग्री लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। किसान अपने साथ सात क्विंटल दूध, मावा, प्याज, सब्जी, आटा, अदरक आदि लेकर पहुंचे। ततारपुर बाईपास पर रुककर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, इस दौरान भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा। किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष धनवीर शास्त्री के नेतृत्व में रसूलपुर के किसान गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि कानूनों के जरिये किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है। किसानों को सबसे अधिक परेशानी एमएसपी पर फसलों की खरीद का न होना है, यदि सरकार इस पर कानून बना दे तो किसानों की बड़ी समस्याएं हल हो जाएंगी और उन्हें फसलों का वाजिब दाम मिल सकेगा।
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देशभर के किसान करीब ढाई महीने से दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार को इसकी तनिक चिंता नहीं है। लोकतंत्र में सरकार हठधर्मिता दिखा रही है, इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा। रसूलपुर के किसानों ने आंदोलनकारियों के लिए सात क्विंटल दूध, एक बोरी अदरक, पांच कट्टा प्याज, पांच कट्टा चीनी आदि गाजीपुर बॉर्डर भेजे।
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गाजीपुर बॉर्डर जाने वालों में जतिन चौधरी, चौधरी समरपाल सिंह, कंवरपाल सिंह, हुकुम सिंह, सुदेश, सूरजमल, प्रताप सिंह, इंद्रराज सिंह, गोलू, संदीप, आनंद, ओंमपाल, राम सिंह आदि मौजूद रहे।