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प्लास्टिक वेस्ट से बनेगी जिले की पहली सड़क
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प्लास्टिक वेस्ट से बनेगी जिले की पहली सड़क
हापुड़। जिले में प्लास्टिक वेस्ट से पहली बार किसी सड़क का निर्माण होने जा रहा है। कुचेसर रोड चौपला पर आठ किलोमीटर की सड़क को प्लास्टिक वेस्ट से बनाया जाएगा। इससे सड़क अधिक मजबूत रहेगी साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। इसके निर्माण में करीब सवा करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
प्लास्टिक व पॉलिथीन की समस्या से निपटने के लिए शासन की पहल के बाद जिले में भी इसकी शुरूआत होने जा रही है। फिलहाल कुचेसर रोड चौपले पर बाजार और आसपास के क्षेत्र की आठ किलोमीटर की सड़क का चयन किया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जोत कुमार ने बताया कि इस सड़क के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। गुणवत्ता में यह दूसरी सड़कों से बेहतर होगी। इसके निर्माण करीब सवा लाख रुपये का खर्चा आएगा। इस सड़क के निर्माण के बाद जिले में दूसरी सड़कों का भी प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
15 से 20 फीसदी बनेगी प्लास्टिक सड़क
गांवों में बनने वाली दर्जन भर सड़कों का 15 से बीस फीसदी हिस्सा ही प्लास्टिक वेस्ट से बनाया जाएगा। इसके लिए प्लास्टिक वेस्ट के पिसे हुए छोटे-छोटे टुकड़े इस्तेमाल होते हैं। रोड बनाने के लिए 92 फीसदी कोलतार और आठ फीसदी प्लास्टिक के पिसे हुए टुकड़े मिलाए जाते हैं। इस घोल से परत सड़क पर बिछाई जाती है।
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पर्यावरण संरक्षण में रहेगी सहायक
अधिशासी अभियंता जोत कुमार ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट से सड़क निर्माण होने पर सड़क की लाइफ अधिक हो जाती है। इससे लागत में भी करीब 10 फीसदी तक की कमी आती है। सड़क पर पानी नहीं भरता है, जिससे वह अधिक समय तक ठीक रहती है। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण के लिए भी सही है। पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली प्लास्टिक का यहां इस्तेमाल हो जाता है। कूड़ा निस्तारण की समस्या का भी समाधान हो जाता है।
इसे बनाने के लिए नई तकनीक का प्रयोग होता है। सड़क बनने वाले पत्थर या गिट्टी को 170 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करके इसमें प्लास्टिक के टुकड़ों को मिलाया जाएगा। 30 सेकेंड में प्लास्टिक पिघलकर पत्थर से चिपक जाएगा। फिर 160 डिग्री सेल्सियस तक गर्म तारकोल को इसमें मिलाया जाएगा। इस तरह सड़क बनाने का मिश्रण तैयार हो जाता है। इसी मिश्रण से सड़क की लेयर तैयार की जाएगी।
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हापुड़। जिले में प्लास्टिक वेस्ट से पहली बार किसी सड़क का निर्माण होने जा रहा है। कुचेसर रोड चौपला पर आठ किलोमीटर की सड़क को प्लास्टिक वेस्ट से बनाया जाएगा। इससे सड़क अधिक मजबूत रहेगी साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। इसके निर्माण में करीब सवा करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
प्लास्टिक व पॉलिथीन की समस्या से निपटने के लिए शासन की पहल के बाद जिले में भी इसकी शुरूआत होने जा रही है। फिलहाल कुचेसर रोड चौपले पर बाजार और आसपास के क्षेत्र की आठ किलोमीटर की सड़क का चयन किया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जोत कुमार ने बताया कि इस सड़क के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। गुणवत्ता में यह दूसरी सड़कों से बेहतर होगी। इसके निर्माण करीब सवा लाख रुपये का खर्चा आएगा। इस सड़क के निर्माण के बाद जिले में दूसरी सड़कों का भी प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
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15 से 20 फीसदी बनेगी प्लास्टिक सड़क
गांवों में बनने वाली दर्जन भर सड़कों का 15 से बीस फीसदी हिस्सा ही प्लास्टिक वेस्ट से बनाया जाएगा। इसके लिए प्लास्टिक वेस्ट के पिसे हुए छोटे-छोटे टुकड़े इस्तेमाल होते हैं। रोड बनाने के लिए 92 फीसदी कोलतार और आठ फीसदी प्लास्टिक के पिसे हुए टुकड़े मिलाए जाते हैं। इस घोल से परत सड़क पर बिछाई जाती है।
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पर्यावरण संरक्षण में रहेगी सहायक
अधिशासी अभियंता जोत कुमार ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट से सड़क निर्माण होने पर सड़क की लाइफ अधिक हो जाती है। इससे लागत में भी करीब 10 फीसदी तक की कमी आती है। सड़क पर पानी नहीं भरता है, जिससे वह अधिक समय तक ठीक रहती है। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण के लिए भी सही है। पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली प्लास्टिक का यहां इस्तेमाल हो जाता है। कूड़ा निस्तारण की समस्या का भी समाधान हो जाता है।
इसे बनाने के लिए नई तकनीक का प्रयोग होता है। सड़क बनने वाले पत्थर या गिट्टी को 170 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करके इसमें प्लास्टिक के टुकड़ों को मिलाया जाएगा। 30 सेकेंड में प्लास्टिक पिघलकर पत्थर से चिपक जाएगा। फिर 160 डिग्री सेल्सियस तक गर्म तारकोल को इसमें मिलाया जाएगा। इस तरह सड़क बनाने का मिश्रण तैयार हो जाता है। इसी मिश्रण से सड़क की लेयर तैयार की जाएगी।