{"_id":"5e42ef478ebc3ee5c5407e96","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd193972512","type":"story","status":"publish","title_hn":"हापुड़ का जाम उखाड़ रहा बुजुर्गों की सांसें, ढेले पर शॉर्ट कट से रेफर हो रहे हैं मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हापुड़ का जाम उखाड़ रहा बुजुर्गों की सांसें, ढेले पर शॉर्ट कट से रेफर हो रहे हैं मरीज
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शहर का जाम कहीं पड़ न जाए लोगों की जान पर भारी
जतिन त्यागी
हापुड़। हापुड़ में नासूर बनती जाम की समस्या से लोगों की जान खतरे में पड़ने लगी है। लंबी कतारों में एंबुलेंस फंसने के डर से लोग अपने संसाधनों से ही मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में भलाई समझ रहे हैं। मंगलवार को ऐसा ही एक दृश्य कैमरे में कैद किया। जिसमें बीमार मां को उसका पुत्र शॉर्ट कट रास्ते से जाम से बचाते हुए ठेले पर लिटाकर अस्पताल ले जा रहा था। इस दृश्य को देख लोग सिस्टम को कोसते नजर आए। हालांकि पुलिस, प्रशासन अभी भी हवाई दावों पर ही जाम से निपटने का दम भर रहे हैं।
हापुड़ शहर इन दिनों जाम नगरी बनकर रह गया है। सुबह से शाम तक लगने वाले जाम से लोग हांफ उठे हैं। निजी वाहनों का जाम में फंसना तो मुनासिब है ही लेकिन अधिकारियों की गाड़ी और एंबुलेंस भी इस जाम में घंटों तक फंसी रहती हैं। कई बार तो अग्निशमन की गाड़ियों को भी शहर से बाहर निकलने में काफी देर हो जाती है।
गंभीर हालत होने पर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए एंबुलेंस के जरिए रेफर किया जाता है। लेकिन जाम के झाम से सहमे लोगों को यदि शहर के अंदर ही अस्पतालों में मरीज को दिखाना हो तो वह अब एंबुलेंस का इंतजार नहीं करते। बल्कि अपने ऐसे संसाधन जो विभिन्न मोहल्लों की गलियों से होकर जाम को बचा दें, इनका प्रयोग करते हैं।
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मंगलवार को पीरबाउद्दीन निवासी 65 वर्षीय फूलवती की हालत बिगड़ गई। जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाना आवश्यक था। लेकिन शहर के बुलंदशहर, मेरठ, दिल्ली और गढ़ रोड पर लगी वाहनों की लंबी कतारों के चलते फूलवती का पुत्र कृष्ण अवतार एंबुलेंस को बुलाने का साहस नहीं कर सका। क्योंकि एंबुलेंस को घर तक पहुंचने और फिर जाम से गुजरते हुए अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो सकती थी।
ऐसे में वृद्धा के पुत्र ने घर से ठेला निकाला और अपनी मां को उसी पर लिटा कर, बुलंदशहर रोड से जैन लोक होते हुए कोठीगेट की ओर निकले। ऐसे में उन्हें जाम से निजात मिल गई और वृद्धा को भी उचित समय पर उपचार मिल गया। यह समस्या एक कृष्ण अवतार की ही नहीं है, बल्कि शहर के लाखों लोगों की है।
जाम की स्थिति दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। पुलिस प्रशासन आए दिन नए प्लान बनाकर जाम से निजात दिलाने का दम भरते हैं। लेकिन यह दावे वाहनों का दबाव बढ़ते ही हवाई साबित हो जाते हैं। कुल मिलाकर मंगलवार को ठेले पर लेटी बुजुर्ग महिला को देखकर, लोग सिस्टम को कोस रहे थे।
सीओ राजेश कुमार का कहना है कि जाम से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने अतिक्रमण हटाने के अलावा अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों के भी चालान काटे हैं। गढ़ और मेरठ रोड पर निर्माण कार्य के चलते कुछ समस्याएं आ रही हैं। जल्द ही समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।
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जतिन त्यागी
हापुड़। हापुड़ में नासूर बनती जाम की समस्या से लोगों की जान खतरे में पड़ने लगी है। लंबी कतारों में एंबुलेंस फंसने के डर से लोग अपने संसाधनों से ही मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में भलाई समझ रहे हैं। मंगलवार को ऐसा ही एक दृश्य कैमरे में कैद किया। जिसमें बीमार मां को उसका पुत्र शॉर्ट कट रास्ते से जाम से बचाते हुए ठेले पर लिटाकर अस्पताल ले जा रहा था। इस दृश्य को देख लोग सिस्टम को कोसते नजर आए। हालांकि पुलिस, प्रशासन अभी भी हवाई दावों पर ही जाम से निपटने का दम भर रहे हैं।
हापुड़ शहर इन दिनों जाम नगरी बनकर रह गया है। सुबह से शाम तक लगने वाले जाम से लोग हांफ उठे हैं। निजी वाहनों का जाम में फंसना तो मुनासिब है ही लेकिन अधिकारियों की गाड़ी और एंबुलेंस भी इस जाम में घंटों तक फंसी रहती हैं। कई बार तो अग्निशमन की गाड़ियों को भी शहर से बाहर निकलने में काफी देर हो जाती है।
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गंभीर हालत होने पर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए एंबुलेंस के जरिए रेफर किया जाता है। लेकिन जाम के झाम से सहमे लोगों को यदि शहर के अंदर ही अस्पतालों में मरीज को दिखाना हो तो वह अब एंबुलेंस का इंतजार नहीं करते। बल्कि अपने ऐसे संसाधन जो विभिन्न मोहल्लों की गलियों से होकर जाम को बचा दें, इनका प्रयोग करते हैं।
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मंगलवार को पीरबाउद्दीन निवासी 65 वर्षीय फूलवती की हालत बिगड़ गई। जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाना आवश्यक था। लेकिन शहर के बुलंदशहर, मेरठ, दिल्ली और गढ़ रोड पर लगी वाहनों की लंबी कतारों के चलते फूलवती का पुत्र कृष्ण अवतार एंबुलेंस को बुलाने का साहस नहीं कर सका। क्योंकि एंबुलेंस को घर तक पहुंचने और फिर जाम से गुजरते हुए अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो सकती थी।
ऐसे में वृद्धा के पुत्र ने घर से ठेला निकाला और अपनी मां को उसी पर लिटा कर, बुलंदशहर रोड से जैन लोक होते हुए कोठीगेट की ओर निकले। ऐसे में उन्हें जाम से निजात मिल गई और वृद्धा को भी उचित समय पर उपचार मिल गया। यह समस्या एक कृष्ण अवतार की ही नहीं है, बल्कि शहर के लाखों लोगों की है।
जाम की स्थिति दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। पुलिस प्रशासन आए दिन नए प्लान बनाकर जाम से निजात दिलाने का दम भरते हैं। लेकिन यह दावे वाहनों का दबाव बढ़ते ही हवाई साबित हो जाते हैं। कुल मिलाकर मंगलवार को ठेले पर लेटी बुजुर्ग महिला को देखकर, लोग सिस्टम को कोस रहे थे।
सीओ राजेश कुमार का कहना है कि जाम से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने अतिक्रमण हटाने के अलावा अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों के भी चालान काटे हैं। गढ़ और मेरठ रोड पर निर्माण कार्य के चलते कुछ समस्याएं आ रही हैं। जल्द ही समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।