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पांच साल तक रिश्तेदारों ने किशोरी को बनाया बंधक
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 12 Jul 2016 10:21 PM IST
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दिल्ली की मासूम को गाजियाबाद के वैशाली में बना रखा था बंधक
- फोटो : अमर उजाला
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घर में बेटा पैदा नहीं होने पर टोटके के चक्कर में पड़कर नानी ने मासूम को अपने रिश्तेदारी में भेज दिया। बेरहम रिश्तेदार मासूम को स्कूल भेजने की बजाए पांच साल तक बंधक बनाकर घरेलू काम करवाते रहे।
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विरोध करने पर मारपीट भी की जाती थी। किसी तरह मासूम मंगलवार को आरोपियों के चंगुल से निकलकर हापुड़ स्टेशन पर पहुंच गई, जहां से बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने मासूम को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। समिति के आरोपी रिश्तेदार पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
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बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा अतुला शर्मा ने बताया कि दिल्ली के नरेला इलाके में रहने वाली तान्या पुत्री हरिशचंद सैनी को करीब पांच साल पहले उसकी नानी ने रिश्तेदारी में भेज दिया। किशोरी का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने मां-बाप की पहली संतान थी।
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उसके बाद उसका कोई भाई पैदा नहीं हो रहा था। इसलिए नानी टोटके के चक्कर में पड़कर उसे गाजियाबाद के वैशाली में रहने वाले अपने रिश्तेदार के छोड़ आई। रिश्तेदार ने उसे पढ़ाने-लिखाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन वहां बच्ची को बंधक बनाकर रखा गया।
घरेलू कामकाज में छोटी गलती पर उसे भूखे रहने की सजा मिलती थी। कई बार तान्या के माता-पिता उससे मिलने की सोची थी, लेकिन हर बार उन्हें यह कहकर टरका दिया जाता था कि तान्या गुरुकुल में पढ़ रही है। जिस पर परिजनों का सीना भी चौड़ा हो जाता था।
अतुला शर्मा ने बताया कि मंगलवार को तान्या आरोपियों के चंगुल से छूटकर हापुड़ स्टेशन पहुंच गई, जहां उसपर बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों की नजर पड़ी। पूछताछ में जब उसने आपबीती बताई तो समिति के सदस्यों के पैरों तले भी जमीन खिसक गई।
तान्या के शरीर पर चोटों कई निशान पाए गए हैं। तान्या के परिजनों को बुलाकर मासूम को उनके सुपुर्द कर दिया गया है। यदि परिजन पढ़ाने में सक्षम नहीं होंगे तो उसे नोएडा की उड्यन संस्था के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा ने बताया कि मासूम तान्या को जिस परिवार ने बंधक बनाकर रखा था। उनके खिलाफ संबंधित थाने में कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।