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गढ़ पुलिस उत्पीडन मामले में डीएम से मिला पीड़ित पक्ष
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गढ़ पुलिस उत्पीड़न मामले में डीएम सेे मिला पीड़ित पक्ष
हापुड़। ब्रजघाट में गढ़मुक्तेश्वर पुलिस द्वारा उत्पीड़न के मामले में पीड़ित पक्ष ने आरोपियों द्वारा पुलिस के संरक्षण में दबाव बनाने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। डीएम ने सही जांच के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
डीएम कार्यालय पहुंचे ब्रजघाट निवासी सुशील कुमार पुत्र राज सिंह ने बताया कि जिस मकान पर विवाद है उसके मालिक लक्ष्मण दास शिष्य हरिप्रसाद थे। जिन्होंने अपने जीवन काल में पांच अप्रैल 2005 को एक रजिस्टर्ड वसीयत अपने शिष्य रामानंद के हक में की थी। उनकी मृत्यु के बाद उक्त मकान के मालिक रामानंद हुए। स्वामी रामानंद ने 21 फरवरी 2019 का एक रजिस्टर्ड वसीयत ओमप्रकाश के हक में कर दिया। रामानंद के देहांत के बाद ओमप्रकाश ने दो अप्रैल 2019 को कृष्णा देवी पत्नी सुशील निवासी ब्रजघाट को बेच दी। अब इस संपत्ति की मालिक उनकी पत्नी हैं। ऐसे में ब्रह्मस्वरुप के शिष्य का इस संपत्ति से कोई संबंध नहंी रहा है। ऐसे में अपने ही मकान में चोरी किए जाने का कोई अधिकार नहीं है।
डीएम अदिति सिंह ने आश्वासन दिया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। सही जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हापुड़। ब्रजघाट में गढ़मुक्तेश्वर पुलिस द्वारा उत्पीड़न के मामले में पीड़ित पक्ष ने आरोपियों द्वारा पुलिस के संरक्षण में दबाव बनाने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। डीएम ने सही जांच के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
डीएम कार्यालय पहुंचे ब्रजघाट निवासी सुशील कुमार पुत्र राज सिंह ने बताया कि जिस मकान पर विवाद है उसके मालिक लक्ष्मण दास शिष्य हरिप्रसाद थे। जिन्होंने अपने जीवन काल में पांच अप्रैल 2005 को एक रजिस्टर्ड वसीयत अपने शिष्य रामानंद के हक में की थी। उनकी मृत्यु के बाद उक्त मकान के मालिक रामानंद हुए। स्वामी रामानंद ने 21 फरवरी 2019 का एक रजिस्टर्ड वसीयत ओमप्रकाश के हक में कर दिया। रामानंद के देहांत के बाद ओमप्रकाश ने दो अप्रैल 2019 को कृष्णा देवी पत्नी सुशील निवासी ब्रजघाट को बेच दी। अब इस संपत्ति की मालिक उनकी पत्नी हैं। ऐसे में ब्रह्मस्वरुप के शिष्य का इस संपत्ति से कोई संबंध नहंी रहा है। ऐसे में अपने ही मकान में चोरी किए जाने का कोई अधिकार नहीं है।
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डीएम अदिति सिंह ने आश्वासन दिया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। सही जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।