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हत्या के मामले में युवक को आजीवन कारावास
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:10 AM IST
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हत्या के मामले में युवक को आजीवन कारावास
हापुड़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने धौलाना थाना क्षेत्र के गांव कंदौली में वर्ष 2015 में हुई एक हत्या के मामले में एक युवक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भाग सिंह भाटी ने बताया कि धौलाना थाना क्षेत्र के गांव कंदौली निवासी आकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि दो जनवरी 2015 को उसके पिता सीताराम त्यागी शाम के समय किसी काम के लिए जा रहे थे। घर से कुछ दूर गांव के ही ऋषिदेव उर्फ कलुवा, उसका भाई नीटू और चाचा रामकुमार मिल गए। किसी बात पर तीनों लोगों की उसके पिता से कहासुनी हो गई। इस पर सीताराम ने विरोध किया तो ऋषिदेव उर्फ कलुवा ने उसके पिता को गोली मार दी। साथ ही हवा में हथियार लहराते हुए तीनों आरोपी भाग गए।
किसी प्रकार ग्रामीणों ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने ऋषिदेव उर्फ कलुवा को हत्या का दोषी करार दिया। जिला न्यायाधीश ने उसे आजीवन कारावास और 12 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि रामकुमार और नीटू को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। दोषी को जेल भेज दिया गया है।
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हापुड़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने धौलाना थाना क्षेत्र के गांव कंदौली में वर्ष 2015 में हुई एक हत्या के मामले में एक युवक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भाग सिंह भाटी ने बताया कि धौलाना थाना क्षेत्र के गांव कंदौली निवासी आकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि दो जनवरी 2015 को उसके पिता सीताराम त्यागी शाम के समय किसी काम के लिए जा रहे थे। घर से कुछ दूर गांव के ही ऋषिदेव उर्फ कलुवा, उसका भाई नीटू और चाचा रामकुमार मिल गए। किसी बात पर तीनों लोगों की उसके पिता से कहासुनी हो गई। इस पर सीताराम ने विरोध किया तो ऋषिदेव उर्फ कलुवा ने उसके पिता को गोली मार दी। साथ ही हवा में हथियार लहराते हुए तीनों आरोपी भाग गए।
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किसी प्रकार ग्रामीणों ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने ऋषिदेव उर्फ कलुवा को हत्या का दोषी करार दिया। जिला न्यायाधीश ने उसे आजीवन कारावास और 12 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि रामकुमार और नीटू को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। दोषी को जेल भेज दिया गया है।
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